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नमामि गंगे:-निर्मल गंगा पर पीएम आज करेंगे समीक्षा,जानिए क्या है नमामि गंगे प्रोजेक्ट?
कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उत्तर प्रदेश में कानपुर के दौरे पर आएंगे। वे यहां गंगा और निर्मल किए जा चुके एशिया के सबसे बड़े नाले सीसामऊ में नौकायन करेंगे। राष्ट्रीय गंगा परिषद की पहली बैठक चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय परिसर में सुबह 11.10 बजे से होगी। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। बैठक में गंगा की निर्मलता और अविरलता पर मंथन किया जाएगा बैठक में दो राज्यों यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, बिहार, यूपी के उप मुख्यमंत्री, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अलावा गंगा किनारे स्थित सभी पांच राज्यों के कई मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र सहित 40 से अधिक प्रमुख लोग मौजूद रहेंगे।
बैठक में पांच राज्यों यूपी, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पं बंगाल में गंगा की स्थिति को लेकर मंथन किया जाएगा। इन प्रदेशों में गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए अभी तक जो भी कार्य हुए हैं, मोदी उनकी समीक्षा करेंगे। इसके बाद आने वाले समय में गंगा को स्वच्छ और उसके किनारों को सुंदर बनाने के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, इसकी कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
शुक्रवार शाम तक बैठक में शामिल होने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलक, यूपी के जल शक्ति मंत्री डा. महेंद्र सिंह सहित पर्यावरण मंत्रालय, नगर एवं आवास विकास मंत्रालय के अधिकारी यहां पहुंच चुके थे। कई मंत्रियों के सुबह आने की संभावना है।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी सभी मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और अधिकारियों के साथ अटल घाट से मोटर बोट के जरिए गंगा का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे सीसामऊ नाले के पास खड़े होकर सेल्फी लेंगे। सेल्फी लेने की वजह यह है कि लंबे समय से गंगा में गिरने वाले सीसामऊ नाले को मोड़ने में केेंद्र सरकार को सफलता मिली है।
गंगा सबसे ज्यादा कानपुर में प्रदूषित
2071 किमी भूभाग में प्रवाहित होने वाली गंगा नदी का कानपुर में पड़ने वाला हिस्सा सबसे अधिक प्रदूषित माना जाता है। कानपुर में होने वाली इस बैठक से सरकार संदेश देना चाहती है कि वह नमामि गंगे परियोजना के प्रति गंभीर है। गंगा और उसकी सहायक नदियों को अविरल बनाना भाजपा के एजेंडे में शामिल है। प्रधानमंत्री यहां नमामि गंगे परियोजना को लेकर कुछ घोषणाएं कर सकते हैं।
28 करोड़ की लागत से सीसामऊ नाला साफ किया गया
कानपुर में 128 साल पुराना सीसामऊ नाला एशिया में सबसे बड़ा है। अंग्रेजों ने शहर के गंदे पानी की निकासी के लिए इसका निर्माण किया था। करीब 40 मोहल्लों से सीसामऊ नाले से रोजाना 14 करोड़ लीटर प्रदूषित पानी गंगा में गिरता था। अब नमामि गंगे परियोजना के तहत 28 करोड़ रुपए की लागत से इसे साफ किया गया है। इसे डायवर्ट कर वाजिदपुर और बिनगवां ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जा रहा है।
क्या है नमामि गंगे प्रोजेक्ट?
गंगा और इसकी सहायक नदियों का प्रदूषण खत्म करने और इन्हें पुनर्जीवित करने के लिए 2014 में केंद्र सरकार ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस परियोजना की जिम्मेदारी केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय, नदी विकास और गंगा कायाकल्प को दी गई है। परियोजना की अवधि 18 साल है। सरकार ने 2019-2020 तक नदी की सफाई पर 20 हजार करोड़ रुपए का बजट तय किया है।