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यूपी के कानपुर में दरोगा की धमकी से महिला ने लगाई फांसी

 Special Coverage News |  24 Nov 2019 6:49 AM GMT  |  कानपूर

यूपी के कानपुर में दरोगा की धमकी से महिला ने लगाई फांसी
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उत्तर प्रदेश पुलिस के एक दारोगा पर आरोप लगा है कि दारोगा की धमकी से आहत होकर एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला के पति ने दारोगा पर रिश्वत न देने पर जेल भेजने का आरोप लगाया, कहा कि पत्नी इससे आहत थी। वहीं आरोपी दारोगा ने रिश्वत मांगने के आरोप को गलत बताया है। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल, एसएसपी का कहना है कि महिला की मौत और दारोगा पर लगे आरोपों की जांच एसपी ग्रामीण को सौंपी गई है।

दारोगा की धमकी से आहत महिला ने लगाई फांसी

'जागरण' में प्रकाशित खबर के मुताबिक, कानपुर जिले के चौबेपुर के रमेशपुर गांव में एक महिला ने शनिवार की देर शाम फांसी लगाकर जान दे दी। पति ने दारोगा पर रिश्वत नहीं देने पर जेल भेजने का आरोप लगाया, कहा कि पत्नी इससे आहत थी। वहीं, मृतका के भाई शेर सिंह ने प्रापर्टी डीलिंग में पैसा न देने पर पति पर हत्या का आरोप लगाया। पति करन सिंह ने दारोगा पर एक लाख की रिश्वत पहले ही ले लेने और शनिवार को एक लाख रुपये और मांगने का आरोप लगाया है। मामले की जांच एसपी ग्रामीण का सौंपी गई है।

क्या है मामला…

जानकारी के मुताबिक, कुछ साल पहले बिल्हौर के मंजू निवादा गांव निवासी ओमप्रकाश की रमेशपुर गांव स्थित दो बीघा भूमि का बैनामा चौबेपुर के विश्वनाथ पाठक ने करा लिया था। बैनामे के कुछ दिन बाद विश्वनाथ की मौत हो गई थी। इसके बाद ओमप्रकाश के पिता सूबेदार ने बैनामे को फर्जी बताते हुए विश्वनाथ के पुत्रों करन सिंह और राजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सूबेदार ने एक माह पूर्व आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) में भी शिकायती पत्र दिया था। जिस पर हलका नंबर-4 के दारोगा राकेश कुमार जांच कर रहे थे। शुक्रवार को वह घर आए थे।

दारोगा पर आरोप लगाते हुए परिजनों ने किया हंगामा

शनिवार को करन की 28 वर्षीय पत्नी ऊषा का शव उनके कमरे के रस्सी के फंदे से कुंडे से लटका मिला। बाहर खेल रहे उनके तीनों बच्चे जब अंदर गए तो घटना का पता लगा। इसके बाद स्वजनों ने दारोगा पर रिश्वत मांगने और न देने पर जेल भेजने की धमकी का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।

करन ने बताया कि दारोगा राकेश ने चार दिन पूर्व एक लाख रुपये लिए थे। शुक्रवार को आकर पत्नी ऊषा से एक लाख रुपये मांगे और न देने पर पति को जेल भेजने की धमकी देकर चले गए। इसी बात से डरी ऊषा ने फांसी लगा ली। सीओ बिल्हौर देवेंद्र कुमार ने शव उतरवाकर पड़ताल शुरू की।

रिश्वत मांगने के आरोप गलत- आरोपी दारोगा

आरोपी दारोगा राकेश कुमार का कहना है कि रिश्वत मांगने के आरोप गलत हैं। एसएसपी अनंत देव का कहना है कि महिला की मौत और दारोगा पर लगे आरोपों की जांच एसपी ग्र्रामीण को दी गई है। महिला के मायके पक्ष के साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।

मोबाइल फोन पर आए एसएमएस से उलझी गुत्थी

घटनास्थल पर जांच के दौरान सीओ को मृतका ऊषा का मोबाइल फोन मिला। उसकी जांच शुरू की तो सीओ की नजर कॉल डिटेल और मैसेज बॉक्स में एक अन्जान नंबर पर पड़ी। वह नंबर गांव के व्यक्ति का है, सुबह 11:34 बजे उस नंबर से एसएमएस आया था। एसएमएस में लिखा था कि फोन रिसीव करो, नहीं तो बहुत अनर्थ हो जाएगा। उस नंबर से कई मिस्ड कॉल भी दिखी हैं। पुलिस ने ऊषा के पति करन से पूछताछ की, लेकिन उन्होंने उस नंबर या मैसेज के बारे में जानकारी से इन्कार कर दिया। पड़ोसी भी चुप रहे। पुलिस को फोन में अन्य कोई मैसेज नहीं मिला। पुलिस ने मैसेज भेजने वाले युवक की तलाश शुरू की, लेकिन वह भी गायब मिला।

मायकेवालों ने पति पर लगाए आरोप

देर रात सचेंडी से आए मायकेवालों ने पति पर ही आरोप लगाए। रात में सूचना पाकर सचेंडी भीमसेन गांव से ऊषा के भाई और अन्य मायकेवाले पहुंचे और उन्होंने करन पर आरोप लगाया। हालांकि, देर रात तक कोई तहरीर नहीं दी। सीओ देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि महिला की मौत में दो बिंदुओं पर जांच की जा रही हैं। गांव के एक शख्स की तलाश है। पति ने दारोगा पर जो आरोप लगाए हैं, उनकी भी जांच जारी है।

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