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हर बात पर चीखने वाले अखिलेश पहले इन 12 घटनाओं पर हिसाब दें - डॉ चन्द्र मोहन

 Special Coverage News |  5 Dec 2018 1:33 PM GMT  |  लखनऊ

हर बात पर चीखने वाले अखिलेश पहले इन 12 घटनाओं पर हिसाब दें - डॉ चन्द्र मोहन
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भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता डॉ चन्द्रमोहन ने प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर सवालिया निशान खड़ा किया. उन्होंने कहा कि अब हर खबर के संज्ञान लेने वाले अखिलेश यादव अपने शासन में इन एक दर्जन घटनाओं पर खामोश क्यों थे? क्या बो बतायेंगें कि उनके उपर किसका दबाब था जिससे उन्होंने कार्यवाही की. बीजेपी सरकार जब भी कानून व्यवस्था की बात आती है तो किसी भी दोषी अधिकारी को बखस्ती नहीं है उनके खिलाफ कार्यवाही करती है.


डॉ चन्द्र मोहन ने कहा कि पुलिस सेवा (पीसीएस) से भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) में शुमार हुए अनंतदेव की गिनती यूपी के काबिल अधिकारियों में होती है. पश्चिम और बुंदेलखंड में सक्रिय डकैत ठोकिया ओर ददुआ को मार गिराने वाली टीम का हिस्सा रहे अनंत देव ने पांच महीने पहले ही गोरखपुर एसएसपी की कुर्सी संभाली थी. अपराधियों की शामत आ गई थी जब अनंत देव ने अपनी अनोखी कार्यशैली से गुंडे-माफियाओं के गांव, गली और चौराहों में उनकी करतूत की मुनादी करवानी शुरू की.


उन्होंने कहा कि इसका परिणाम भी मिला जब गोरखपुर के साथ ही आजमगढ़ और वाराणसी रेंज की पुलिस के लिए चुनौती बन चुके माफिया धर्मेंद्र सिंह को एसटीएफ ने खोराबर क्षेत्र में 20 मई को मार गिराया. बदमाशों को ठिकाने लगाने वाले अनंतदेव दबंग सपा नेताओं से पार न पा सके. 13 जून की रात दाउदपुर में जमीन विवाद के चलते गिरक्रतार कर कैंट थाने लाए गए सपा जिला सचिव गौरव यादव ने सत्ता की ठसक दिखाते हुए पुलिस कर्मियों से मारपीट शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने भी गौरव को शांत करने के लिए बल प्रयोग किया. सपा नेता की बदतमीजी के बावजूद उसकी पिटाई करने के आरोप में अनंतदेव ने तीन चौकी प्रभारियों को सस्पेंड कर दिया था. लेकिन सपा नेताओं के बढ़ते दबाव के बीच मुक्चयमंत्री अखिलेश यादव ने एसएसपी अनंतदेव को भी सस्पेंड कर दिया जिनकी इस पूरे प्रकरण में कोई भूमिका ही नहीं थी.

वहीं दूसरी ओर मथुरा में जवाहरबाग प्रकरण का उदाहरण भी आपके सामने है. तत्कालीन एसएसपी राकेश सिंह के कार्यालय से कुछ दूरी पर जवाहरबाग में अवैध कब्जा हो गया लेकिन उन्हें भनक नहीं लगी. पुलिस बल में आपसी तालमेल न होने की कीमत 2 जून को एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और थानेदार संतोष यादव ने जान गवां कर चुकाई. पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन की लापरवाही फौरी तौर पर नजर आई थी लेकिन सपा के एक शीर्ष नेता के करीबी एसएसपी राकेश सिंह को हटाने की हिम्मत भी सरकार न जुटा सकी. जब चौतरफा दबाव बढ़ा तब घटना के चौथे दिन सरकार ने एसएसपी राकेश सिंह का केवल ट्रांसफर कर दिया.


देखिये हर जगह बेखौफ रहे हैं अखिलेश सरकार में बदमाश

1-इलाहाबाद—झूंसी-सहसों मार्ग पर मौजूद रहिमापुर तिराहे पर 7 जून को चक्का जाम हटवाने पहुंचे आपीएस अधिकारी गणेश साहा पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया. इनके सिर पर गंभीर चोटें आईं.

2-इलाहाबाद—बारा थाना प्रभारी आर. पी. द्विवेदी 14 जून, 2013 की दोपहर बारह बजे चोरी की गई इंडिका कार को बरामद करने के लिए बदमाशों का पीछा कर रहे थे. घिरता देख बदमाशों ने द्विवेदी की गोली मारकर हत्या कर दी.

3-प्रतापगढ़--कुंडा के बलीपुर गांव में 2 मार्च, 2013 को प्रधान की हत्या होने की सूचना पर पहुंचे सीओ जियाउल हक की भी बदमाशों ने हत्या कर दी. आधा दर्जन लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज. मामला न्यायालय में लंबित.

4-प्रतापगढ़—शहर के एक होटल में ठहरे इंस्पेक्टर अनिल कुमार 19 नवंबर, 2015 को फायरिंग करके भाग रहे बदमाशों को पकडऩे के दौरान इनकी गोलियों का शिकार हो गए. दो हत्यारोपियों पर मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन.

5-मैनपुरी--औछा इलाके में 31 अञ्चटूबर, 2015 को दो गुटों के भिडऩे की खबर पाकर पहुंचे सीओ वी.पी. सिंह, एसओ यू. एन मिश्र को बदमाशों ने बंधक बनाकर पिटाई की और गाडिय़ां जला दीं. दोनों को गंभीर चोटें आईं.

6-गौतमबुद्घ नगर—दादरी इलाके में 25 अप्रैल को दबिश देने गए दारोगा अख्तर खान की बदमाशों ने गोली मार की हत्या कर दी. मौके पर मौजूद पुलिस बल भाग खड़ा हुआ. लापरवाही बरतने पर कोतवाल दादरी सस्पेंड.

7-गाजियाबाद—लोनी थाना क्षेत्र के बंथला पुलिस चौकी पर 26 नवंबर, 2015 को नशे में धुत बदमाशों ने हमला बोल दिया. प्रतिरोध पर बदमाशों में चौकी में ड्ïयूटी कर रहे सिपाही सुदेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी.

8-कानपुर—जाजमऊ स्थित सिद्घनाथ मंदिर के पास 24 अगस्त, 2015 को रूट डायवर्जन पर कार रोकने से भडक़े सपा विधायक हाजी इरफान सोलंकी के भाई फैजान सोलंकी ने दारोगा देवेंद्र यादव को दौड़ाकर पीटा और रिवॉल्वर छीन ली.

9-मेरठ—भावनगर थानाक्षेत्र के पचपेड़ा गांव में 23 अगस्त, 2015 को एक कैबिनेट मंत्री के करीबी सपा नेता के घर से हत्यारोपी को गिरक्रतार करने पहुंचे दारोगा मनीष चौहान के साथ पुलिस कर्मियों की पिटाई कर बदमाशों ने घायल कर दिया.

10-एटा—अवैध रूप से बालू भरी ट्रैञ्चटर-ट्राली को रोकने पर 9 जून को एसओ राजा का रामपुर आदित्य कुमार को खनन माफिया ने कार से कुचलने की कोशिश में घायल कर दिया. सरेआम तमंचा ताना और पुलिस पर फायरिंग की.

11-लखनऊ--गोमतीनगर के विभूतिखंड में 30 अप्रैल को कातिल की तलाश में निकलने एसओ नाका धीरेंद्र कुमार यादव पर बदमाश ने जानलेवा हमला कर दिया. हमले में एसओ का पैर टूट गया और कई गंभीर चोटें आईं.

12-आंबेडकर नगर—मिनी ट्रक में सवार पशु तस्करों का 8 जून की रात गश्त में निकली अहिरौली पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर पीछा किया. तस्करों ने धावा बोलकर एसओ ज्ञानेंद्र सिंह समेत तीन पुलिस कर्मियों को गंभीर घायल कर दिया.

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