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दिमागी बुखार पर भारी पड़ने लगी भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता - डॉ चन्द्रमोहन

 Special Coverage News |  30 Aug 2018 10:54 AM GMT  |  लखनऊ

दिमागी बुखार पर भारी पड़ने लगी भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता - डॉ चन्द्रमोहन
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लखनऊ: पूर्वांचल का अभिशाप कही जाने वाली बीमारी दिमागी बुखार के खिलाफ जो जंग मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सरकार ने छेड़ी है उसके नतीजे बेहद सकारात्मक हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दिमागी बुखार से पीड़ित होने वाले मरीजों की संख्या आधे से भी कम हो गई है।

पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश प्रवक्ता डा. चन्द्रमोहन ने कहा कि पिछले वर्ष गोरखपुर के बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज में 27 अगस्त तक कुल 1120 मरीज भर्ती हुए थे वहीं इस वर्ष इसी तारीख तक लगभग 575 मरीज भर्ती हुए हैं। ये आंकड़े दिखाते हैं कि प्रदेश की भाजपा सरकार पूरे संकल्प के साथ इस जानलेवा बीमारी से लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी दिमागी बुखार से किसी भी मरीज की मृत्यु न होने देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार किया गया है।

प्रदेश डा. चन्द्र मोहन ने बताया कि पूर्वांचल के प्रमुख मेडिकल कालेज बी.आर.डी. मेडिकल कालेज में न केवल डाक्टर और संसाधन बढ़ाए गए हैं बल्कि इंसेफ्लाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर के रूप में तब्दील किए गए गोरखपुर मंडल के 67 अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त की गई हैं। प्रदेश सरकार ने अब दिमागी बुखार के मरीजों को घर के नजदीकी अस्पताल में ही प्राथमिक इलाज की सुविधा मुहैया कराई है। समय पर उचित इलाज मिलने का परिणाम ही दिमागी बुखार के रोगियों की संख्या में कमी के रूप में सामने आया है। इसके अलावा सरकार दिमागी बुखार से पीड़ित क्षेत्र में साफ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए भाजपा सरकार ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आरओ प्लांट लगाने की व्यवस्था की है ताकि बच्चे शुद्ध पेयजल पी सकें।

भाजपा प्रवक्ता डा. चन्द्रमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी दिमागी बुखार को जड़ से उखाड़ फेंकने में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहते। इसके लिए वह स्वयं दिमागी बुखार पीड़ित क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनीटरिंग कर रहे हैँ और प्रशासनिक अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय कर उनसे नियमित प्रगति रिपोर्ट मांग कर समीक्षा भी कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में जिस तरह के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं उससे वह दिन ज्यादा दूर नहीं जब दिमागी बुखार का यूपी से समूल नाश हो जाएगा।

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