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CAA: लखनऊ में हुए हिंसा का मुख्य आरोपी हुआ गिरफ्तार

 Sujeet Kumar Gupta |  23 Dec 2019 9:18 AM GMT  |  नई दिल्ली

CAA: लखनऊ में हुए हिंसा का मुख्य आरोपी हुआ गिरफ्तार
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लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है वही 19 दिसंबर को राजधानी लखनऊ में हुए बवाल के मुख्य आरोपी नदीम को पुलिस ने आज यानि सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है. नदीम के साथ ही उसके दो साथी वसीम और अशफाक को भी गिरफ्तार किया है. नदीम को पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का सदस्य बताया जा रहा है, जबकि वसीम पीएफआई का प्रदेश अध्यक्ष और अशफाक कोषाध्यक्ष है. आरोप है कि पीएफआई ने ही विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को उकसाया जिसके बाद भड़की हिंसा में कई वाहनों को आग लगा दी गई और जमकर तोड़फोड़ हुई. नदीम बाराबंकी जिले का रहने वाला है।

गौरतलब है कि लखनऊ के परिवर्तन चौक पर हिंसा हुई थी. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके थे. साथ ही दर्जनों वाहनों को फूंक दिया था. बताया जा रहा है कि पूरी हिंसा नदीम और उसके साथियों के इशारे पर हुई. इसके बाद से ही पुलिस को नदीम की तलाश थी।

रविवार को यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान उन्होंने बड़ा बयान देते हुए आशंका जताई थी कि सिमी का छोटा रूप पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का हाथ यूपी में हुई हिंसा के पीछे हो सकता है।

डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा था कि यूपी में बाहरी लोग आकर उपद्रव कर रहे हैं. सरकार का मत है कि मुस्लिम लोगों को कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. मुस्लिम वर्ग के प्रति जो कानून पहले था वही आज भी है. दिनेश शर्मा ने बताया कि 75 जिलों में से 54 जिलों में कोई घटना नहीं हुई सिर्फ 21 जिलों में हिंसा हुई. 124 मुकदमे अब तक दर्ज किए गए हैं. प्रदेश भर में 15 लोगों की हिंसा के दौरान मौत हुई है. वहीं उत्तर प्रदेश में हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर दिनेश शर्मा ने कहा कि किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर भी जमकर निशाना साधा था. दिनेश शर्मा ने कहा था कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूछना चाहता हूं कि CAA और NRC से दिक्कत क्या है ? सभी मुसलमानों से कहना चाहता हूं कि आप गुमराह न हों, यहां से किसी से कुछ छीनने वाला नहीं है।

हालांकि उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद यूपी पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. इस एक्शन में प्रदेश भर में अब तक 164 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, वहीं 879 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और 5312 लोगों को हिरासत में लेकर निरोधात्मक कार्यवाही की गई है. पुलिस का दावा है कि समूचे प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और सामान्य जन-जीवन सुचारू रूप से चल रहा है।


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