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31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया, अब नई गाइडलाइन जारी की गई, केंद्र सरकार ने दिया ये निर्देश

 Shiv Kumar Mishra |  18 May 2020 4:49 AM GMT  |  दिल्ली

31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया, अब नई गाइडलाइन जारी की गई, केंद्र सरकार ने दिया ये निर्देश
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कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से देश भर में फैलता जा रहा है, जिसे देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 4 की घोषणा कर दी है. सरकार ने स्थिति को देखते हुए 31 मई तक पूरे देश में लॉकडाउन को बढ़ा दिया है और गृहमंत्रालय ने इसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं. लॉकडाउन की स्थिति और स्वरूप क्या होगा, अब इसका फैसला राज्य कर सकेंगे, क्योंकि राज्यों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द अपने-अपने राज्य के जोनों का वर्गीकरण करें.

कोरोना से निपटने के मुद्दे पर राज्य सरकारें लगातार केंद्र सरकार को निशाने पर ले रही थीं कि वो खुद फैसला नहीं ले पा रही हैं. राज्यों की एक और शिकायत जोनों के वर्गीकरण को लेकर थी, जो अब तक केंद्र सरकार तय कर रही थी. ऐसे में केंद्र सरकार ने लॉकडाउन-4 के व्यापक दिशानिर्देश तो तय कर दिए हैं, लेकिन इसे किस तरह से, किस हद तक लागू किया जाना है, यह फैसला राज्यों की सरकरों पर छोड़ दिया है. अब कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार की जवाबदेही ज्यादा होगी.

लॉकडाउन 4 चार के लिए जारी गाइडलाइंस में गृहमंत्रालय ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि विशेष रूप से प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर अन्य सारी गतिविधियों की पूरी तरह से छूट होगी. लेकिन कंटेनमेंट जोन में जरूरी सेवाओं को छोड़कर किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं होगी. वैसे कंटेनमेंट जोन के बाहर भी राज्य सरकारें चाहें तो जमीनी परिस्थितियों के आकलन के आधार पर कुछ अन्य गतिविधियों पर रोक और कुछ को छूट दे सकती हैं.

लॉकडाउन-4 में केंद्र सरकार ने पूरे देश में सारी गतिविधियों की इजाजत दे दी है. इसमें न तो उद्योगों का वर्गीकरण किया गया है और न ही किसी तरह की सेवाओं को प्रतिबंधित किया गया है. अब ई-कॉमर्स से लेकर ओला-उबर जैसी टैक्सी सेवाएं शुरू हो सकती हैं. बाजार में भी दुकानों का कोई वर्गीकरण नहीं किया है, जिससे सैलून, ब्यूटी पार्लर समेत सभी तरह की दुकानें खुल सकेंगी. हालांकि, राज्य या स्थानीय प्रशासन चाहे तो इनमें कुछ दुकानों को बंद करने का फैसला कर सकता है.

इसका मतलब साफ है कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ही तय करेंगे कि लॉकडाउन-4 की स्थिति और स्वरूप कैसा हो. केंद्र सरकार के नए आदेशों के तहत अब राज्य सरकारों को छूट दी गई है वो अपने विवेकानुसार प्रदेश को ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन में बांटे. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने यहां कोरोना वायरस संक्रमण के हालात को देखते हुए रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है.

सरकार के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर जिला प्रशासन अपने यहां रेड और ऑरेंज जोन में 'निषिद्ध' और 'बफर' जोन चिह्नित करेगा. इस दौरान रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में गतिविधियों और विभिन्‍न कार्यों के संचालन को लेकर बनाई जाने वाली योजना पर विचार विमर्श हुआ. इसका साफ मतलब है कि राज्यों को ही लॉकडाउन का पालन कराने की जिम्मेदारी दी जाएगी. इस बार केंद्र की ओर से दो नए कंटेंटमेंट जोन और बफर जोन भी जोड़े गए हैं. लेकिन इनके क्षेत्र का निर्धारण करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी.

राज्यों की होगी अब जवाबदेही

दरअसल लॉकडाउन के पिछले तीन चरणों में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने और राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार की इस बात के लिए आलोचना की थी कि वह राज्यों पर अपनी कई पाबंदियां थोप रही है और राज्यों को अपने तरीके से काम करने का मौका नहीं दिया जा रहा है. पश्चिम बंगाल के साथ तो कई मौकों पर केंद्र सरकार का टकराव भी हुआ और कांग्रेस शासित राज्यों ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के मुख्यमंत्रियों के साथ अपनी पिछली बैठक में साफ कर दिया था कि वे अगले लॉकडाउन की घोषणा में राज्यों द्वारा दिए गए सुझावों का ध्यान रखेंगे और उसी के अनुसार दिशानिर्देश तय किए जाएंगे.

लॉकडाउन-4 के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिशा-निर्देश रविवार को जारी किए तो साफ हो गया कि वह प्रधानमंत्री के वादे के अनुसार ही हैं. ऐसे में अब हर जिले तक यह तय होगा कि वहां पर किन क्षेत्रों में किस तरह से लॉकडाउन के किन नियमों को लागू किया जाएगा. राज्यों के अंदर और अंतरराज्यीय बस सेवाओं के बारे में भी अब राज्य खुद तय करेंगे.

लॉकडाउन में क्‍या-क्‍या रहेगा प्रतिबंधित

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि लॉकडाउन-4 के दौरान शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक क‌र्फ्यू जारी रहेगा. धार्मिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और खेलकूद से जुड़े जमावड़े पहले की तरह प्रतिबंधित रहेंगे. देश में 65 से अधिक उम्र के बुजुर्गों और 10 साल के कम उम्र के बच्चों के साथ ही गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों के घर से निकलने पर पाबंदी रहेगी. वे सिर्फ जरूरी काम से या फिर इलाज के लिए बाहर जा सकते हैं. स्कूल, कॉलेज, और कोचिंग संस्थान आदि बंद रहेंगे. सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा और मेट्रो पर प्रतिबंध जारी रहेगा. सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम्नेजियम, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, सभागार और ऐसे सभी स्थान बंद रहेंगे. नाई की दुकानों पर राज्य सरकार फैसला करेगी.

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