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मायावती ने कार्यकर्ताओं को बताया कैसे जीतेंगे यूपी में लोकसभा चुनाव!

 Special Coverage News |  3 March 2019 11:41 AM GMT  |  दिल्ली

मायावती ने कार्यकर्ताओं को बताया कैसे जीतेंगे यूपी में लोकसभा चुनाव!
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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आज उत्तर प्रदेश में पार्टी व अन्य सभी स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों व अन्य जि़म्मेदार लोगों की एक महत्त्वपूर्ण बैठक में भाग लिया . उन्होंने इस बैठक में बूथ स्तर तक संगठन की गतिविधियों, चुनावी तैयारियों व सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को मजबूत बनाने के सम्बन्ध में भी कहा. मायावती ने सपा बसपा गठबंधन के सम्बंध में ज़मीनी तालमेल व तैयारियों की गहन समीक्षा की और आगे लोकसभा आमचुनाव की फूलप्रूफ तैयारियों के लिए नये विशेष दिशा-निर्देंश भी दिये.

मायावती ने बसपा प्रदेश कार्यालय 12 माल एवेन्यू में आयोजित इस विशेष बैठक में सबसे पहले पुलवामा आतंकी घटना में शहीद हुये सीआरपीएफ के 44 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ इस प्रकार की घटनाओं में शहादत पाने वाले प्रदेशवासी जवानों के परिवार के लोगों को इस मुसीबत की घड़ी में हर सम्भव सहानुभूति रखने व उनके साथ हर प्रकार का सहयोग करने की अपील की गयी। मायावती ने पार्टी के लोगों का आह्वान किया कि वे लोग शहीदों के परिवारों का यथासंभव दुःख-दर्द बांटते रहने का प्रयास करें क्योंकि आमतौर पर यही देखा गया है कि सरकारें केवल रस्म अदायगी करती हैं और समय बीतने के साथ-साथ उन्हें उनके हाल पर बेसहारा ही छोड़ दिया जाता है। उनसे किये गये वायदों को सरकार को यथाशीघ्र निभाना चाहिये।

भारतीय पायलट विंग कमाण्डर अभिनन्दन वर्थमान की पाकिस्तानी कब्जे से सकुशल वतन वापसी पर देश के लोगों में स्वाभाविक संतोष व खुशी के साथ-साथ व्याप्त तनाव में आयी कमी का उल्लेख करते हुये मायावती ने कहा कि भारत की सुरक्षा व सम्मान के मामले में देश को दीर्घकालीन मजबूत विश्वसनीय नीति बनाने की जरूरत है। इसके साथ-साथ पड़ोसी मुल्कों के साथ भी इसी प्रकार की ठोस व विश्वसनीय नीति बनाकर उस पर मजबूती के साथ लगातार अमल करने की जरुरत है। देश को अपनी रक्षा, सुरक्षा व सम्मान के मामले में पूरी मुस्तैदी के साथ ठोस तैयारी करने की बडी जरुरत है ताकि कोई भी देश ना तो भारत की अनदेखी कर सके और ना ही कभी आँख दिखाने की हिम्मत ही कर सके।

उन्होंने कहा कि वैसे भी खासकर अति-घातक पुलवामा आतंकी हमले के बाद सत्ताधारी बीजेपी के लिये राजनीति करने का समय नहीं था परन्तु देश की 130 करोड़ चिन्तित जनता ने देखा कि बीजेपी उस समय में भी अपनी संकीर्ण राजनीति करने से बाज़ नहीं आई और लोगों को यह महसूस भी हुआ कि देश की सुरक्षा व सम्मान मजबूत व सुरक्षित हाथों में नहीं हैं। इसके अलावा लोकसभा आमचुनाव में बीएसपी व सपा गठबन्धन की तेजी से बढ़ती मजबूती व विश्वसनीयता का उल्लेख करते हुये सुश्री मायावती जी ने दोनों पार्टियों के लोगों से अपील की कि वे छोटे-मोटे सभी आपसी गिले-शिकवे व मतभेद आदि को भुलाकर हर हाल में जबर्दस्त तौर पर इस गंठबंधन को कामयाब बनाने के लिये पूरी लगन से काम करें क्योंकि व्यापक जनहित व देशहित में तथा संविधान की रक्षा के लिये भी बीजेपी की जनविरोधी व अहंकारी सरकार को केन्द्र की सत्ता से हटाना बहुत जरुरी है।

मायावती ने कहा कि बीजेपी की गरीब, मजदूर व किसान-विरोधी तथा धन्नासेठ-समर्थक नीतियों व गलत द्वेषपूर्ण कार्यकलापों आदि से देश में सर्वसमाज के समस्त लोग व हर तबका काफी ज्यादा दुःखी व त्रस्त है और बीजेपी की सरकार से राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ आदि की तरह ही मुक्ति चाहती है और उत्तर प्रदेश में बीजेपी को परास्त करके जनता के इस लक्ष्स की पूर्ति भलीभाँति हो सकती है। मात्र बी.एस.पी.-सपा गठबन्धन ही खासकर उत्तर प्रदेश में बीजेपी को जबर्दस्त तौर पर पछाड़ने में सक्षम है और यू.पी. के लोग ही घोर वादाखि़लाफी करने वाली व जुमलेबाज जनविरोधी बीजेपी की कमर तोड़ेंगे।

इसके साथ ही बीजेपी की केन्द्र व राज्य सरकारों को घोर दलित व ओबीसी आरक्षण विरोधी बताते हुये मायावती ने कहा कि इनके शासनकाल में इन वर्गों के आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था को निष्क्रिय व निष्प्रभावी बनाने का हर स्तर पर षडयंत्र करते रहने के साथ-साथ इनके आरक्षण के कोटा को भी जानबूझकर नहीं भरा गया है जिस कारण इन वर्गों के लोग सरकारी नौकरियों से वंचित होते जा रहे है।

इतना ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालयों में आरक्षण की व्यवस्था भी बदलकर एक प्रकार से निष्प्रभावी हो गई है। यह आरक्षण व्यवस्था विश्वविद्यालय के आधार पर होती थी जिसे अब समाप्त करके विभागवार बना दिया गया है। सरकार ने इसकी सही पैरवी नहीं की है। इसलिये अब इस व्यवस्था की बहाली के लिये केन्द्र सरकार को सही कदम उठाने की जरूरत है। अब इसकी भीख मांगने के बजाय लोगों को अपना हक लेने के लिये कमर कसना होगा और उसके लिये आने वाला लोकसभा के आमचुनाव का समय बहुत ही उपयुक्त है। अपना हक बढ़कर लेने की प्रवृति का विकास करना अब बहुत जरूरी है।

अंत में मायावती ने कहा कि जहाँ तक उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार का सवाल है तो इसकी भी नीति व कामकाज बहुत कुछ केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की तरह ही संकीर्ण, जातिवादी व साम्प्रदायिक विद्वेषपूर्ण एवं सस्ती मानसिकता वाली ही रही है। इसी कारण यहाँ काफी-कुछ अराजकता का ही माहौल चारों तरफ व्याप्त है व आमजनता काफी ज्यादा पीडि़त व त्रस्त है। बीजेपी सरकार की कार्यशैली काम कम, बातें अधिक व केन्द्र सरकार की केवल डुगडुगी बजाते रहने पर ही आधारित रही हैं। इनकी समझ यही है कि केवल संगम में डुबकी लगा लेने से इनकी सरकार के सभी प्रकार के पाप धुल जायेंगे तथा जनता के दिन-प्रतिदिन के कष्ट व समस्यायें दूर हो जायगी जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है।

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