Top
Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > लखनऊ > कोरोना महामारी के आंकड़े छिपा रही योगी सरकार: कांग्रेस

कोरोना महामारी के आंकड़े छिपा रही योगी सरकार: कांग्रेस

अजय कुमार लल्लू ने कुछ जिलों को कोरोना मुक्त घोषित करने का आधार पूछा है.

 Arun Mishra |  27 April 2020 10:01 AM GMT  |  दिल्ली

कोरोना महामारी के आंकड़े छिपा रही योगी सरकार: कांग्रेस

लखनऊ : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने सोमवार को योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार कोरोना महामारी के आंकड़े छिापा रही है. अजय कुमार लल्लू ने कुछ जिलों को कोरोना मुक्त घोषित करने का आधार पूछा है. साथ ही कहा कि वेंटिलेटर, आईसीयू और आइसोलेशन वॉर्ड की स्थिति को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने क्या फैसला लिया है, कब हरकत में आएगी?

आगरा की घटना पर साधा निशाना

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि योगी सरकार कोरोना महामारी के बारे में जिस आगरा मॉडल का ढोल पीट रही थी, उसकी हवा निकल चुकी है. आगरा में क्वारेंटाइन किए गए लोगों को बिस्कुट और पानी फेंक कर दिए जाने की घटना पर अजय कुमार ने कहा कि इससे योगी सरकार का अमानवीय चेहरा प्रकट होता है. आखिर अपने ही लोगों को साथ कोई सरकार ऐसा बुरा बर्ताव कैसे कर सकती है?

कानपुर में मरीज बढ़ने की आशंका

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्य औद्योगिक केन्द्र, कानपुर में कुछ मीडियाकर्मियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद ऐसी आशंका जताई जा रही है कि शहर में हजारों की संख्या में कोरोना पॉजिटिव हो सकते हैं लेकिन उनका अता-पता नहीं है. आखिर पता चले भी तो कैसे? योगी सरकार तो अधिक से अधिक जांच करने की बजाए आंकड़ों को दबाने और जो मीडिया सच्चाई का बयान करे, उसके खिलाफ केस करने में मशगूल है.

53 जिलों में 100 से कम आइसोलेशन बेड

अजय कुमार लल्लू ने केन्द्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यूपी के 75 जिलों में से 53 जिले ऐसे हैं, जहां 100 से कम आईसोलेशन बेड हैं, जबकि इन्ही 53 में से 31 जिलों में कोरोना के केस पाए गए हैं. उन्होंने कहा कि अगर आईसीयू की ही बात करें तो यूपी के 75 में से 34 जिले ऐसे हैं, जहां आईसीयू का इंतजाम हैं ही नहीं. इन 34 जिलों में से 19 जिले ऐसे हैं, जहां कोरोना पॉजिटिव केस पाए गए हैं.

सहारनपुर, फिरोजाबाद और रायबरेली जिलों में सबसे खराब हालात

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कोरोना महामारी से लड़े में अगर भारत में सबसे पिछड़ा कोई राज्य है, तो वो है यूपी. उसमें भी सहारनपुर, फिरोजाबाद और रायबरेली इन तीन जिलों में सबसे खराब हालात हैं. इसी तरह वेंटिलेटर बेड्स के मामले में भी यूपी की हालत बहुत दयनीय है. कुल 75 जिलों में से 35 जिले ऐसे हैं, जहां वेंटिलेटर बेड्स हैं ही नहीं. जबकि इन्ही 35 में से 20 जिले ऐसे हैं, जहां कोरोना के केस पाए गए हैं.

उन्होंने कहा कि चाहे पीपीई का मामला हो, दूसरी सुविधाओं जैसे- वेंटिलेटर, आईसीयू आदि की बात हो या फिर महामारी के दौर में राज्य की जनता के साथ सहानुभूति पूर्वक व्यवहार का ममला हो, सूबे की बीजेपी सरकार पूरी तरह से असफल साबित हुई है.

इसके साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार के समक्ष कुछ सवाल भी रखे हैं.

आखिर किस आधार पर कुछ जिलों को हड़बड़ी में कोरोना मुक्त घोषित किया गया?

वेंटिलेटर, आईसीयू और आइसोलेशन वॉर्ड की स्थिति को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने क्या फैसला लिया है, कब हरकत में आएगी?

आगरा में क्वारेंटाइन किए गए गरीब लोगों को साथ बुरा बर्ताव करने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कोई कार्रवाई करेगी सरकार?

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Arun Mishra

Arun Mishra

Arun Mishra


Next Story
Share it