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UP के मैनपुरी जनपद की टीचर ने 13 महीनों में कमाए एक करोड़ रुपये!

स्कूली शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद के अनुसार इस टीचर को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। यूपी के प्राइमरी स्कूलों में टीचर्स के अटेंडेंस की रियल टाइम मॉनिटरिंग के बावजूद यह गड़बड़झाला हो गया।

 Shiv Kumar Mishra |  5 Jun 2020 4:35 AM GMT  |  मैनपुरी

UP के मैनपुरी जनपद की टीचर ने 13 महीनों में कमाए एक करोड़ रुपये!
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में विज्ञान पढ़ाने वाली एक टीचर ने एक ही साथ 25 स्कूलों में कथित तौर पर 'काम' करके 13 महीनों में एक करोड़ रुपये की सैलरी कमाई। टीचर्स का डेटाबेस तैयार करते वक्त यह गड़बड़झाला सामने आया। यूपी के प्राइमरी स्कूलों में टीचर्स के अटेंडेंस की रियल टाइम मॉनिटरिंग के बावजूद अनामिका शुक्ला नाम की यह टीचर ऐसा कर पाने में सफल रही। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

मैनपुरी की निवासी अनामिका ने जिन स्कूलों में 'काम' किया है, उसके रेकॉर्ड्स के अनुसार वह पिछले एक साल से भी अधिक समय से नियुक्त है। स्कूली शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद के अनुसार इस टीचर को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, 'जब सभी टीचर्स को प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन अपनी अटेंडेंस दर्ज करनी है तो फिर कैसे एक टीचर कई जगहों पर उपस्थिति दर्ज करा सकती है। इस संबंध में विस्तृत जांच की जरूरत है।'

मार्च में अनामिका शुक्ला के खिलाफ शिकायत पाने वाले विजय ने हमारे सहयोगी टीओआई को बताया, 'हमने अपने अधिकारियों को इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। लॉकडाउन की वजह से टीचर के रेकॉर्ड्स नहीं मिल सके हैं। मैंने 26 मई को अधिकारियों को रिमाइंडर भेज दिया है। अगर टीचर के बारे में जानकारी सही पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।'

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, अंबेडकरनगर, अलीगढ़, सहारनपुर, बागपत जैसे जिलों के KGBV स्कूलों में अनामिका की पोस्टिंग पाई गई है। इन स्कूलों में टीचर्स की नियुक्ति कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर होती है और हर महीने 30 हजार रुपये की तनख्वाह रहती है। जिले के हर ब्लॉक में एक कस्तूरबा गांधी स्कूल है। समाज के कमजोर तबके से आने वाली लड़कियों के लिए इन स्कूलों में आवासीय सुविधा भी होती है।

विजय ने कहा, 'अभी तक अनामिका की ओरिजनल पोस्टिंग के बारे में हमें कुछ पता नहीं चला है। शिकायत में दर्ज हर जिले से वेरिफाई करवाया जा रहा है। अगर शिकायतों को सही पाया गया तो एफआईआर दर्ज होगी। वह सभी स्कूलों में एक ही बैंक अकाउंट यूज करती थी या नहीं इस पर अभी जांच चल रही है।'

अनामिका शुक्ला को फरवरी तक रायबरेली के केजीबीवी में कार्यरत पाया गया, जब यह मामला प्रकाश में आया। रायबरेली के बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश के अनुसार सर्व शिक्षा अभियान की तरफ से छह जिलों में लेटर भेजकर केजीबीवी में अनामिका शुक्ला नाम की टीचर के बारे में चेक करने को कहा गया। रायबरेली का नाम हालांकि उस लिस्ट में नहीं था लेकिन हमने क्रॉस चेक किया और पाया कि महिला हमारे केजीबीवी में भी काम करती है। उसे एक नोटिस भेज दिया गया।

प्रकाश ने बताया, 'टीचर को रिपोर्ट करने को कहा लेकिन वह नहीं आई। उसके डॉक्युमेंट्स को ऊपरी लेवल पर जांच के लिए भेज दिया गया है। सैलरी भी फौरन रोक दी गई है।' रायबरेली के जिला कोऑर्डिनेटर (बालिका शिक्षा) अनिल त्रिपाठी ने अनामिका शुक्ला के केजीबीवी में पढ़ाने की पुष्टि की। लेकिन और कहां-कहां पढ़ाती थीं, इस पर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की।


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