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आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या से मचा हड़कंप, अपहरण के बाद की गई हत्या

मुरादाबाद के पाकबड़ा निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट कासिम सैफी की लाश गन्ने के खेत से बरामद हुई है, जिसकी गोली मार कर हत्या की गई है?

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मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद निवासी आरटीआई कार्यकर्ता की अपहरण के बाद हत्या दूसरे जनपद मे किये जाने के बाद से हड़कम्प मचा हुआ हैं, आरटीआई कार्यकर्ता 27 दिसम्बर को अचानक लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी अपहरण भी थाना पाकबड़ा में दर्ज हैं.

आरटीआई कार्यकर्ताओ की हत्या से सीधे तौर पर कही न कही राजनितिक पार्टियों का हाथ सामने आता है, ताजी घटना आज सुबह उस समय सामने आई जब जनपद शामली के थाना कांधला क्षेत्र से सूचना मिली कि मुरादाबाद के पाकबड़ा निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट कासिम सैफी की लाश गन्ने के खेत से बरामद हुई है, जिसकी गोली मार कर हत्या की गई है, थाना पाकबड़ा पुलिस ने विकाश चौधरी नाम के आरोपी को हिरासत में लेकर, उसी की निशानदेही पर जंगल से लाश बरामद की है.

दरअसल कासिम सैफी विगत 27 दिसम्बर को अचानक घर से गायब हो गए थे, परिजनों की माने तो कोई राजनीतिक व्यक्ति उसे घर से बुला कर ले गया था, जिसके बाद कासिम का कोई पता नही चल रहा था, पीड़ित परिवार की तरफ से शक के आधार पर मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया था, जिस आधार पर थाना पाकबड़ा पुलिस काम कर रही थी, पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर जनपद शामली के जंगल से अर्धनग्न अवस्था में गन्ने के खेत से बॉडी बरामद करते हुए, पूरी घटना का आवरण कर दिया था, हत्या की जानकारी लगने के बाद से कासिम के घर में कोहराम मच गया है.

इस हत्याकांड पर जनपद शामली के एसपी अजय कुमार ने बताया कि क्योकि मामला जनपद मुरादाबाद में दर्ज हैं तो वही से पूरी घटना का आवरण भी वही होगा.

एक आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या के बाद से आरटीआई कार्यकर्ताओ में योगी सरकार के खिलाफ खासा गुस्सा भर गया हैं , क्योकि आरटीआई कार्यकर्ताओ के संरक्षक के रूप में काम कर रहे मुरादाबाद निवासी पवन अग्रवाल ने सीधे तौर पर जनपद पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है, इनके अनुसार कासिम सैफी ने दो महीने पूर्व ही पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी, क्योकि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थी.

रिपोर्ट : सागर रस्तोगी

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