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सोरम गांव की घटना पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान का बड़ा बयान, बोले- 'RLD के लोगों की सोची समझी साजिश थी'

मारपीट की घटना पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि ये सोची समझी साजिश थी. वो लोग RLD से जुड़े हैं.

सोरम गांव की घटना पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान का बड़ा बयान, बोले- RLD के लोगों की सोची समझी साजिश थी
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मुजफ्फरनगर : कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को लेकर पूरे देश में किसान आंदोलित है. वहीं पश्चिमी यूपी में बवाल मचा हुआ है. पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के ऐतिहासिक सोरम गांव में मारपीट की घटना के बाद वार-पलटवार हो रहे हैं. मारपीट की घटना पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि ये सोची समझी साजिश थी. वो लोग RLD से जुड़े हैं.

संजीव बालियान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोकदल की मानसिकता सही नही है, जो समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। डा. संजीव बालियान ने कहा कि वह शोरम की घटना को लेकर हर जांच के लिए तैयार हैं और निष्पक्ष जांच हो, लोकदल नेताओ की कॉल डिटेल निकाली जाए.

न्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर की जनता को तय करना है विकास चाहिए कि कुछ और,मैं हमेशा मुजफ्फरनगर की जनता के बीच में रहता आया हूँ और आगे भी रहूंगा, मुजफ्फरनगर की जनता मेरा अपना परिवार है।

उन्होंने कहा कि 2013 में दंगा कराने वाले लोकदल के पंचायतों में मंच पर बैठते है, भैंसवाल और शौरम में सब कुछ सुनियोजित था, सब कुछ लोकदल के नेताओ के इशारों पर शोरम में हुआ, उन्होंने कहा कि मुझे किसी सुरक्षा की जरूरत नही, ना ही मुझे अपनी जान की परवाह है,मेरी सुरक्षा मेरी मुजफ्फरनगर की जनता है।

डॉक्टर बालियान ने कहा कि जबसे मैं सांसद बना हूँ तबसे मैं खाफ चौधरियों के बीच 50 बार जा चुका हूँ,मुझे कोई भी सलाह लेनी होती है या आशीर्वाद लेना होता है तो मैं अपने सभी खाफ चौधरियों से लेने जाता हूं।

संजीव बालियान ने कहा कि तेहरवीं जैसे प्रोग्राम में जिन्दाबाद या मुर्दाबाद नही होना चाहिए। शोरम में 20 हजार की आबादी हैं और 14 हजार वोटर हैं, लेकिन केवल 6 लोग विरोध में नारेबाजी कर रहे हैं और वे सभी रालोद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हैं। ऐसे लोग 2013 में कहां चले गए थे, जब शौरम के लोगों पर हमला हुआ था।

वह अपने जिले के लोगों के साथ दुखसुख में हर वक्त खडे हैं, ये लोग नहीं चाहते, कि वह लोगों के बीच में रहें। डा. संजीव बालियान ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं और समाज में विघटन पैदा कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की ओछी हरकत छोडकर 2022 के चुनाव में आ जाएं, अपनी ताकत पता चल जाएगी। 2014 में भी उन्हें हराया था, 2019 में भी और अब 2022 में भी हराएंगे।

Arun Mishra

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Sub-Editor of Special Coverage News
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