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किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी सवित मलिक का सवाल, गरीब किसान ओमपाल के एक पुत्र और दो पुत्रिया विवाह योग्य हैं ,कौन उनका पालन पोषण करेगा?

 Shiv Kumar Mishra |  6 Jun 2020 4:53 PM GMT  |  मुजफ्फरनगर

किसान यूनियन के अध्यक्ष  चौधरी सवित मलिक का सवाल, गरीब किसान ओमपाल के एक पुत्र और दो पुत्रिया विवाह योग्य हैं ,कौन उनका पालन पोषण करेगा?

5:06:2020 को चौधरी सवित मलिक राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान यूनियन ने कल कस्बा सिसौली में किसान ओमपाल द्वारा आत्महत्या करने पर गहरा शोक व्यक्त किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संवेदनहीन हो चुकी है, किसान यूनियन लगातार दो महीने से खेत मे खड़े गन्ने का पुनः सर्वे कराकर मिलों को समय से आपूर्ति कराने के लिए गन्ना आयुक्त,जिलाधिकारी,मुख्यमंत्री, राज्यपाल महोदय को ज्ञापन देकर किसानों की इस समस्या को हल कराने का प्रयास कर रही है, परन्तु सब मूकदर्शक बने हुए हैं।यदि समय से शासन एवं प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेता तो आज एक गरीब किसान को आत्महत्या न करनी पड़ती।परन्तु सरकार को अन्नदाता की कोई चिंता नहीं है जो उनकी नीतियों से स्पष्ट होता है।

आज पूरे देश का पेट भरने वाला किसान भूखे पेट सोने और आत्महत्या करने को मजबूर है।ये हालात आज कृषि प्रधान देश के बन गए हैं, जहाँ उसका करोड़ो रूपये का गन्ना भुगतान मिलों पर बकाया है, पर कोई सुनवाई नहीं।जून महीने में इतनी तेज धूप व गर्मी में खेतों में गन्ना छीलने को मजबूर है, पर कोई सुनवाई नहीं।

आखिर किसानों की दुर्दशा और आत्महत्याओं को सरकार कब तक अनदेखा करती रहेगी।

उस गरीब किसान ओमपाल के एक पुत्र और दो पुत्रिया विवाह योग्य हैं ,कौन उनका पालन पोषण करेगा??ऐसे बहुत से सवाल सरकार के सामने यक्ष प्रश्न बनकर खड़े हैं, और यह केवल एक गरीब किसान ओमपाल तक ही सीमित नहीं है ऐसे हजारों गरीब किसान ओमपाल की ही तरह शासन, प्रशासन, एवं मिलमालिको की मिलिभगत के कारण आत्महत्या को मजबूर है।

अतः प्रदेश सरकार मृतक किसान के बेटे को नोकरी एवं उसके परिवार को जीवन यापन के लिए उचित मुआवजा देने के साथ साथ किसान ओमपाल को आत्महत्या करने को मजबूर करने वाले दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही करें।

और यह भी सुनिश्चित करे कि आगे से किसी भी किसान को खेत मे खड़े गन्ने,गन्ना भुगतान,फसल नष्ट होने के कारण आत्महत्या करने को मजबूर न होना पड़े।


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