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यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर के आवास पर ईडी ने की छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग का ...?

राणा कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर लिया है. ईडी ने राणा कपूर के घर सहित कई ठिकानों पर शुक्रवार के दिन छापेमारी की. जांच एजेंसी ने राणा के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया है.

 Sujeet Kumar Gupta |  7 March 2020 4:32 AM GMT  |  नई दिल्ली

यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर के आवास पर ईडी ने की छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग का ...?
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नई दिल्ली। नकदी संकट में घिरे यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर के आवास समुद्र महल पर शुक्रवार रात प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापा मारा। अधिकारियों का कहना है कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के संबंध में की गई है। ईडी की टीम ने कपूर से उनके आवास पर पूछताछ भी की।

प्रवर्तन निदेशालय ने भी बैंक के संस्थापक और इस संकट के सामने आने से पहले बोर्ड एग्जिट कर चुके बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर लिया है. ईडी ने राणा कपूर के घर सहित कई ठिकानों पर शुक्रवार के दिन छापेमारी की. जांच एजेंसी ने राणा के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि इस छापे की कार्रवाई का मकसद और साक्ष्यों को जुटाना है। केंद्रीय एजेंसी एक कारपोरेट कंपनी को बैंक द्वारा लोन देने और इसके बदले में पत्नी के बैंक खातों में रिश्वत लेने के संबंध में राणा की भूमिका की जांच कर रही है।

अधिकारियों ने कहा कि कपूर के खिलाफ मामला डीएचएफएल जांच से भी जुड़ा हुआ है क्योंकि बैंक ने कंपनी को कथित तौर पर एनपीए करार दिया था। इससे पहले रिजर्व बैंक ने गुरुवार को यस बैंक के बोर्ड को भंग करते हुए ग्राहकों द्वारा खातों से 50,000 रुपये प्रति माह से ज्यादा निकासी पर रोक लगा दी थी।

राणा कपूर पर आरोप है कि निजी रिश्तों को ध्यान में रखकर उन्होंने यस बैंक से लोन बांटे। यस बैंक ने अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, एस्सेल ग्रुप, रेडियस डिवेलपर्स और मंत्री ग्रुप जैसे ग्रूप्स को लोन बांटे हैं। इनके डिफॉल्टर होने से यस बैंक की यह हालत हुई है। आरोप है कि इन बड़े कारोबारी घरानों को लोन दिलाने में राणा कपूर की सहमति रही।

यस बैंक अगस्त, 2018 से संकट में है। उस समय रिजर्व बैंक ने बैंक के संचालन और ऋण से जुड़ी खामियों की वजह से तत्कालीन प्रमुख राणा कपूर को 31 जनवरी, 2019 तक पद छोड़ने को कहा था। उनके उत्तराधिकारी रवनीत गिल के नेतृत्व में बैंक ने संकटग्रस्त रिणों का की सूचना प्रकाशित की। बैंक को मार्च, 2019 की तिमाही में पहली बार घाटा हुआ।

गुरुवार शाम को जब भारतीय रिजर्व बैंक ने यस बैंक के जमाकर्ताओं के लिए 50,000 रुपये की निकासी की सीमा तय की तब दुनिया के सामने इस बैंक की खस्ताहाल की बात सामने आ गई थी। आरबीआई के अनुसार, ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से भी महज 50,000 रुपये ही निकाल सकते हैं। केवल विशेष परिस्थितियों में ग्राहकों को ज्यादा पैसे निकालने की छूट दी गई है। वहीं पढ़ाई, इलाज, शादी या किसी अन्य विशेष परिस्थितियों में आरबीआई द्वारा निकासी के लिए थोड़ी छूट दी गई है। ऐसे में ग्राहक पांच लाख रुपये तक निकाल सकते हैं। बता दें अगर किसी खाताधारक का यस बैंक में एक से ज्यादा खाता है, तो भी वह 50 हजार रुपये से ज्यादा धनराशि नहीं निकाल सकता।


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