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नोएडा में फर्जीवाड़ा खुलासा होते ही फर्जी शिक्षिका हुई फरार, बीएसए ने दी जानकारी

मामले की जांच में पाया गया कि ग्रेटर नोएडा में नौकरी करने वाली मनीषा मथूरिया की डिग्री फर्जी है वह मनीषा मौर्या की डिग्री पर नौकरी कर रही थी।

 Shiv Kumar Mishra |  14 July 2020 5:00 PM GMT  |  नोएडा

नोएडा में फर्जीवाड़ा खुलासा होते ही फर्जी शिक्षिका हुई फरार, बीएसए ने दी जानकारी
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ललित पंडित

प्रदेश की बहुचर्चित शिक्षिका अनामिका शुक्ला केश के बाद ग्रेटर नोएडा में दूसरे की बीएड की डिग्री पर नौकरी करने वाली शिक्षिका मनीषा मथुरिया को फर्जीवाड़ा करते हुए पकड़ा गया है ।फर्जीवाड़ा प्रकाश में आने पर शिक्षिका फरार हो गई है। आरोपित शिक्षिका ने 10 साल तक फर्जी डिग्री पर नौकरी की। शिक्षिका की तैनाती नवादा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में रही थी । खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर शिक्षाका के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में बीटा 2 कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। बीएसए ने शिक्षिका को बर्खास्त कर उसके द्वारा लिए गए वेतन की रिकवरी के आदेश दिए हैं पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

शिक्षिका की तैनाती दादरी विकास खंड के नवादा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में थी। खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर शिक्षिका के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बीएसए ने शिक्षिका को बर्खास्त कर उसके द्वारा लिए गए वेतन के रिकवरी के आदेश दिए हैं। पुलिस आरोपित शिक्षिका की तलाश कर रही है। खंड शिक्षा अधिकारी हेमंत ङ्क्षसह की तरफ से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि मूलरूप से अलीगढ़ के बसौली गांव की रहने वाली मनीषा मथूरिया ने आंबेडकर विवि आगरा से वर्ष 2005 में जारी बीएड की डिग्री के आधार पर शिक्षिका की नौकरी हासिल की थी।

बीते दिनों शिकायत मिली तो जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि जिस अनुक्रमांक को मनीषा के मार्कशीट में दर्ज किया गया है वह अनुक्रमांक मनीषा मौर्या के नाम पर दर्ज है, जो कासगंज के वीके जैन कॉलेज की है। जांच में पाया गया कि ग्रेटर नोएडा में नौकरी करने वाली मनीषा मथूरिया की डिग्री फर्जी है वह मनीषा मौर्या की डिग्री पर नौकरी कर रही थी।

शिक्षिका ने बीएड की डिग्री के आधार पर ली थी नौकरीखंड शिक्षा अधिकारी हेमंत सिंह की तरफ से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि मूल रूप से अलीगढ़ के बसौली गांव की रहने वाली मनीषा मथूरिया शिक्षिका है। उसने अंबेडकर विवि आगरा से वर्ष 2005 में बीएड की डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल की थी। बीते दिनों इस संबंध में शिकायत मिली तो जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि जिस अनुक्रमांक को मनीषा के मार्कशीट में दर्ज किया गया है वह अनुक्रमांक मनीषा मौर्या के नाम पर दर्ज है जो कि कासगंज के वीके जैन कॉलेज की है। मामले की जांच में पाया गया कि ग्रेटर नोएडा में नौकरी करने वाली मनीषा मथूरिया की डिग्री फर्जी है वह मनीषा मौर्या की डिग्री पर नौकरी कर रही थी।



बीएसए धीरेंद्र कुमार ने बताया कि शिक्षिका मनीषा मथूरिया की पहली तैनाती वर्ष 2010 में अलीगढ़ के उंटगिरी विकास क्षेत्र के गांव धनीपुर प्राथमिक विद्यालय में हुई थी। उसके बाद 2012 में उसका तबादला ग्रेटर नोएडा के लिए कर दिया गया और उसकी तैनाती शाहबेरी,बिसरख व नवादा प्राथमिक विद्यालय में रही। अब उसके खिलाफ कार्यवाही की गई है।साथ ही उससे पूरी रिकवरी भी की जाएगी ।उससे करीब 40 लाख 70 हज़ार रुपये की रिकवरी होनी है ।

पुलिस ने बताया कि मामले में पहली शिकायत दनकौर डायट के प्राचार्य द्वारा की गई थी। उन्होंने सभी शिक्षकों की डिग्री की जांच की मांग की थी। जांच में पाया गया कि फर्जी डिग्री के आधार पर मनीषा ने वर्ष 2008 में बीटीसी भी की थी।

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