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नोएडा में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही आयी सामने, कोरोना संदिग्ध एक महीने से क्वारंटाइन सेंटर से लापता

सब जगह कोरोना संदिग्ध युवक रंजीत को ढूंढा गया लेकिन क्वारंटाइन स्टाफ को युवक को ढूंढने में कामयाबी हासिल नही हुईं।

 Shiv Kumar Mishra |  22 May 2020 5:46 AM GMT  |  नोएडा

नोएडा में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही आयी सामने, कोरोना संदिग्ध एक महीने से क्वारंटाइन सेंटर से लापता
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एक माह से लापता युवक की कंपनी से कॉल आने पर शुरू हुई तलाश

संदिग्ध युवक डेल्टा 1 मेट्रो स्टेशन के पास स्तिथ सन ट्विलाइट कंपनी में करता था काम

ग्रेटर नोएडा/ललित पंडित: जनपद के स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जानकर आश्चर्य के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल भी खड़ा होता है। दरअसल, ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल में कोरोना परीक्षण हेतु आये युवक को 19 अप्रैल को 15:45 गलगोटिया यूनिवर्सिटी में बने क्वारंटाइन सेन्टर में भर्ती कराया गया था। क्वारंटाइन सेन्टर में भर्ती होने के तुरंत बाद ही युवक द्वारा सामान्य कमजोरी व चक्कर आने की शिकायत पर 16:30 पर जिम्स अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। ईलाज के उपरांत 21 वर्षीय युवक रंजीत रात में 10 बजे वापस गलगोटिया यूनिवर्सिटी में बने क्वारंटाइन सेन्टर में भर्ती कर दिया जाता है।

23 अप्रैल को दोबारा रंजीत द्वारा सामान्य कमजोरी, कंपकंपी व चक्कर आने की शिकायत की जाती है अतः क्वारंटाइन सेन्टर में मौजूद डॉ० मो० शोएब द्वारा परीक्षण कर शाम 4 बजे आगे के ईलाज के लिए शारदा अस्पताल एम्बुलेंस द्वारा रेफेर किया जाता है। कोरोना संदिग्ध मरीज रंजीत साथी कर्मचारी राजकुमार के साथ क्वारंटाइन सेन्टर में भर्ती किया गया था। दोनो युवक सन ट्विलाइट कंपनी, (पता: डेल्टा 1 मेट्रो स्टेशन के सामने, ग्रेटर नोएडा) में काम करते थे व निवास भी कंपनी परिसर में ही कर रहे थे।

क्वारंटाइन सेन्टर में भर्ती राजकुमार की नेगेटिव कोरोना रिपोर्ट 25 अप्रैल को प्राप्त होती है जिसके बाद राजकुमार को 26 अप्रैल को क्वारंटाइन सेन्टर से डिस्चार्ज कर दिया जाता है। राजकुमार के डिस्चार्ज होने के पश्चात ढाई हफ्ता बीत जाने पर कंपनी के चीफ सिक्योरिटी अफसर द्वारा क्वारंटाइन सेन्टर फोन कर क्वारंटाइन सेन्टर में भर्ती युवक रंजीत का हालचाल लेने के लिए जब फोन किया जाता है तब आश्चर्यजनक मामला सामने आता है।

क्वारंटाइन सेन्टर स्टाफ संदिग्ध युवक रंजीत को शारदा अस्पताल में रेफर कर भूल चुका था। हैरानी तो तब हुई जब युवक न ही शारदा अस्पताल पहुँचा न ही वापस गलगोटिया क्वारंटाइन सेन्टर। चौकाने वाली बात है कि लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी संदिग्ध युवक रंजीत की कोरोना रिपोर्ट का रिजल्ट भी नही मिला। 13 मई को कंपनी के चीफ सिक्योरिटी अफसर के पूछताछ के बाद से क्वारंटाइन सेन्टर में हड़कंप मच गया। सब जगह कोरोना संदिग्ध युवक रंजीत को ढूंढा गया लेकिन क्वारंटाइन स्टाफ को युवक को ढूंढने में कामयाबी हासिल नही हुईं।

मिली जानकारी के अनुसार क्वारंटाइन सेन्टर प्रभारी डॉ० अनिल गुप्ता द्वारा कंप्यूटर ऑपरेटर दीपांशु गोयल से दनकौर कोतवाली में गुमसुदगी की तहरीर भेजी गई। वही दनकौर पुलिस भी तहरीर के आधार पर गुमसुदगी दर्ज कर जाँच में जुट गई है।


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