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नोएडा में इमारतों को तत्काल तोडऩे की जरूरत नही, आईआईटी दिल्ली की ऑडिट रिपोर्ट से मिली शाहबेरी निवासियों को राहत

नोएडा में इमारतों को तत्काल तोडऩे की जरूरत नही, आईआईटी दिल्ली की ऑडिट रिपोर्ट से मिली शाहबेरी निवासियों को राहत
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(धीरेन्द्र अवाना)

नोएडा।आइआइटी दिल्ली की ऑडिट रिपोर्ट सामने आने के बाद शाहबेरी में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है।रिपोर्ट में कहा गया कि यहा स्थित इमारतों को अभी तत्काल में तोडऩे की कोइ जरूरत नही है।आपको बता दे कि आइआइटी दिल्ली ने 437 इमारतों की जांच में मात्र तीन को ही सुरक्षित करार दिया है।

जबकि 434 इमारतों के स्ट्रक्चर की विस्तृत जांच की सिफारिश की है। इसमें 76 इमारतों को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। प्राधिकरण संचालन मंडल एवं शासन ने आइआइटी कर रिपोर्ट को स्वीकृत करते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

हालांकि आइआइटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी साफ किया है स्ट्रक्चरल दृष्टिकोण से ऐसी कोई भी इमारत नहीं है जिसे तत्काल तोडऩे की जरूरत हो। यह शाहबेरी निवासियों के लिए राहत भरी बात है।

शाहबेरी मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब 2018 में शाहबेरी में बनी दो अवैध इमारतें ढह जाने के कारण नौ लोगों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई थी।प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्राधिकरण ने शाहबेरी में बिना नक्शा पास कराए अवैध बनी 437 इमारतों के सुरक्षा ऑडिट (स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट)की जिम्मेदारी आइआइटी दिल्ली को सौंपी थी।

Shiv Kumar Mishra
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