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नोएडा प्राधिकरण की हिटलर शाही नीतियों का ग्रामीणों ने किया विरोध

नोएडा प्राधिकरण की दमनकारी नीतियों के विरोध में नोएडा के कई गावों के प्रधान और सम्मानित सदस्यों ने संगठन मीटिंग रखी।जिसमें उन्होंने बरात घरो(कम्युनिटी सेंटर) के संबंध में नई नीति बनाने का विरोध किया।

 Sujeet Kumar Gupta |  7 March 2020 9:38 AM GMT  |  नई दिल्ली

नोएडा प्राधिकरण की हिटलर शाही नीतियों का ग्रामीणों ने किया विरोध
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(धीरेन्द्र अवाना)

नोएडा।नोएडा प्राधिकरण की दमनकारी नीतियों के विरोध में नोएडा के कई गावों के प्रधान और सम्मानित सदस्यों ने संगठन मीटिंग रखी।जिसमें उन्होंने बरात घरो(कम्युनिटी सेंटर) के संबंध में नई नीति बनाने का विरोध किया।जिसमें सभी प्रधान और गांवों के सम्मानित सदस्यो ने भाग लिया तथा नोएडा प्राधिकरण द्वारा ब्राउज़र के संबंध में बनाई गई नीति का सभी ने एकमत होकर पुरजोर विरोध किया नोएडा प्राधिकरण की ऋतु महेश्वरी अपनी हठधर्मिता निभा रही है। उन्हें आमजन से कोई लेना देना नहीं है क्योंकि जो भी नीति बनाई गई है उसमें किसी आमजन या जनप्रतिनिधि के द्वारा कोई सुझाव आधी नहीं मांगे गए और अपना ही हिटलर शाही नीति ग्रामीणों पर थोपने की कोशिश की है।

जबकि गौतम बुध नगर दौरे पर आए मुख्यमंत्री जी के समक्ष संबंधित प्रकरण को रखने में नोएडा प्राधिकरण ने गांव में विकास की बात कही थी जबकि गांव के ग्राम समाज की लाखों हेक्टेयर भूमि नोएडा प्राधिकरण में निहित है अगर उस भूमि के मुआवजा राशि के एक बटा दो प्रतिशत ब्याज को भी गांव में लगाया जाए तो तकरीबन 100 साल तक ब्याज में ही गांव का विकास हो सकता है कभी नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के बेरोजगार हुए युवकों को नौकरी या रोजगार दिलाने की कोशिश भी नहीं की नोएडा प्राधिकरण में जब भी भर्ती निकली उसमें बाहरी लोगों को रोजगार दिया गया तथा यहां के किसानों को दरकिनार रखा गया इन सभी बातों पर मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीणों के पास ही गांव के बरात घरों का संचालन करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन उसके बावजूद भी मुख्यमंत्री के आश्वासनों की अवहेलना करते हुए ग्रामीणों में आगामी विवाह समारोह को लेकर ग्रामीणों को भ्रमित किया जा रहा है जिसकी वजह से क्षेत्र में एक नया आंदोलन होने को तैयार है अगर आंदोलन होता है तो इसमें सरकार की बुराई निश्चित है।

जबकि सरकार के विधायक वं मुखिया मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीणों के हित में फैसला देने के आश्वासन ग्राम प्रधान संगठन के सामने दिए गए थे अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि नोएडा प्राधिकरण मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए गए आश्वासनों को इग्नोर कर अपनी हठधर्मिता पर तुला हुआ है अगर यही नोएडा प्राधिकरण का रवैया रहा तो ग्राम प्रधान संगठन इस लड़ाई को सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ने को बिल्कुल तैयार है जिससे जिले में अशांति का माहौल पैदा हो सकता है। जिसके लिए नोएडा प्राधिकरण ही जिम्मेवार होगा।मीटिंग में मुख्य रूप से विमलेश शर्मा, मूलचंद सोनी, पप्पू प्रधान, करतार प्रधान,नरेश प्रधान, राजू पंडित, राजेंद्र चौहान, रामअवतार शर्मा, महेंद्र चौहान, अशोक ठेकेदार,शिवकुमार,ब्रहम सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।

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