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69000 शिक्षक भर्ती घोटाला: तीन आईपीएस लगे तो हो सका फर्जीवाड़े का खुलासा

69000 शिक्षक भर्ती घोटाला: तीन आईपीएस लगे तो हो सका फर्जीवाड़े का खुलासा
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इस भर्ती में अभ्यर्थी डॉ. कृष्ण लाल पटेल के खिलाफ फर्जीवाड़ा करने का आरोप तो लगा रहे थे, लेकिन कोई केस दर्ज कराने को तैयार न था। जिन अभ्यर्थियों से इस गैंग के सदस्यों ने लाखों रुपए वसूला था, वह भी सामने नहीं आ रहे थे।


69000 शिक्षक सहायक भर्ती की टॉपरों की सूची में कुछ ऐसे नाम थे, जिन पर हजारों अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए थे। 150 नंबर में 140 अंक तक पाने वालों में कोई गाड़ी चालक तो कोई डीजे वाला बाबू बताया गया। शिकायत मिली तो प्रयागराज के कप्तान समेत तीन आईपीएस लगे तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हो सका।

पुलिस अफसरों ने सर्विलांस समेत अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया।आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। छापेमारी में आईपीएस के होने से किसी पर कोई सवाल नहीं उठा। डॉक्टर व लेखपाल को भी पुलिस ने पकड़ा और फर्जीवाड़े की कहानी सामने आ गई। अब इस केस की जांच एसटीएफ को दे दी गई है। ऐसे में एसटीएफ के सामने बड़ी चुनौती है। अभी इस गैंग में शामिल स्कूल प्रबंधक, सॉल्वर, दलाल और आरोपी अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी बाकी है। इस भर्ती में अभ्यर्थी डॉ. कृष्ण लाल पटेल के खिलाफ फर्जीवाड़ा करने का आरोप तो लगा रहे थे, लेकिन कोई केस दर्ज कराने को तैयार न था। जिन अभ्यर्थियों से इस गैंग के सदस्यों ने लाखों रुपए वसूला था, वह भी सामने नहीं आ रहे थे।

4 जून को जब प्रतापगढ़ के एक अभ्यर्थी राहुल सिंह ने एसएसपी से संपर्क किया तो तत्काल कार्रवाई शुरू हो गई। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने राहुल की तहरीर पर सोरांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया। एसएसपी ने शिक्षा जगत की बुनियाद में सेंध लगाकर ईमानदार, परिश्रमी अभ्यर्थियों का हक मारने वाले माफियाओं का तंत्र ध्वस्त करने के लिए एएसपी अशोक वेंकटेश और अनिल यादव को लगाया। कुछ ही घंटे में परिणाम आने शुरू हो गए। शुरुआत में ही पुलिस ने एक कार से जा रहे छह संदिग्धों को साढे सात लाख रुपए के साथ हिरासत में ले लिया। पुलिस अफसरों ने सीबीआई की तरह गैंग में शामिल डॉ. कृष्ण लाल पटेल, स्कूल संचालक ललित त्रिपाठी और लेखपाल संतोष बिंदु को हिरासत में लेकर पूछताछ की और 22 लाख से अधिक कैश बरामद कर लिया।

कई चहरे होंगे बेनकाब

69000 सहायक शिक्षक भर्ती में एसटीएफ की जांच में कई बड़े चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं। नकल कराने वाले गैंग में शामिल शिक्षा माफिया, स्कूल प्रबंधक और सॉल्वर की गिरफ्तारी अभी बाकी है। शासन से आदेश मिलने के बाद बुधवार को प्रयागराज एसटीएफ इस फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग के खुलासे में जुट गई है।

बताया जा रहा है कि 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में अभी तक पुलिस ने उन्हीं लोगों की गिरफ्तारी की है, जिन्होंने अभ्यर्थियों से दलालों के माध्यम से रुपए लेकर फर्जीवाड़ा किया था। इसमें सिर्फ एक स्कूल का प्रबंधक ही पकड़ा गया है। आगे जांच होगी तो यह भी खुलासा हो जाएगा कि किन-किन परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को नकल कराने का इंतजाम किया गया था और इसमें सॉल्वर कौन थे, कहीं ऐसा तो नहीं की पिछली बार की तरह बदनाम कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था।

सूत्रों की मानें तो अगर इस तरह का कोई लिंक बना दो स्कूल प्रबंधक समेत कई बड़े अफसर भी जांच के घेरे में आ जाएंगे। इसमें कुछ सफेदपोश की मिलीभगत की बात भी सामने आई है। सोरांव पुलिस ने राजनीति से जुड़े डॉ कृष्ण लाल पटेल को पहले ही जेल भेज दिया है।

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