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इंस्पेक्टर के अकाउंट में थे 50 लाख रुपये, नहीं दे सके कमाई का हिसाब तो दर्ज हुआ मुकदमा, तीन और इस्पेक्टर घेरे में

इंस्पेक्टर के अकाउंट में थे 50 लाख रुपये, नहीं दे सके कमाई का हिसाब तो दर्ज हुआ मुकदमा, तीन और इस्पेक्टर घेरे में
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यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर के खिलाफ दर्ज हुआ केस

प्रयागराज।। प्रयागराज के घूरपुर जैसे मलाईदार थाने में थानेदार रहे दरोगा अरविंद कुमार त्रिवेदी ने थानेदारी के दौरान अपनी तनख्वाह से भी ज्यादा की कमाई की। एंटी करप्शन की जांच में इसका खुलासा होने के बाद घूरपुर थाने में दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। दरोगा अवैध रूप से 49.69 लाख कमाई का हिसाब नहीं दे सका। बताया जा रहा है उनका वेतन लगभग 50 हजार रुपये था। इस भ्रष्टाचार का खुलासा हिंदुस्तान ने किया था। हिंदुस्तान की खबर पर तत्कालीन आईजी रमित शर्मा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर एंटी करप्शन ने जांच कराने की सिफ़ारिश की थी

गौरतलब है कि 2017 में घूरपुर थाने के थानेदार अरविंद कुमार त्रिवेदी थे। इस बीच प्रयागराज एसएसपी के तत्कालीन स्टेनो का एक ऑडियो वायरल हुआ जिसे हिंदुस्तान अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस ऑडियो में थाना दिलाने के लिए बातचीत चल रही थी। इस खबर के प्रकाशित होते ही तत्कालीन आईजी रमित शर्मा ने प्रतापगढ़ एसपी रहे शगुन गौतम को जांच दे दिया। एसपी शगुन गौतम ने स्टेनो, घूरपुर एसओ और हंडिया इंस्पेक्टर को बुलाकर बयान दर्ज किया। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर आईजी रमित शर्मा ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से एंटी करप्शन से जांच करने के लिए सिफारिश की थी। आईजी की रिपोर्ट पर एंटी करप्शन टीम ने जांच शुरू की।

जांच रिपोर्ट में सबसे बड़ी करवाई घूरपुर में एसओ रहे अरविंद त्रिवेदी पर ही हुई है। एंटी करप्शन की जांच में पता चला दरोगा अरविंद त्रिवेदी ने 2006 से 2017 तक अपनी आय की संपत्ति में वेतन, बैंक ऋण और ब्याज मिलाकर कुल 53 लाख की इनकम थी। जब एंटी करप्शन ने दरोगा के खिलाफ जांच शुरू की तो उनके विभिन्न खातों में जमा रुपया, रायबरेली में जमीन, मकान निर्माण में खर्च, महंगी बाइक, लग्जरी कार , महंगा मोबाइल फोन, विभिन्न बैंक खातों में जमा रुपया, बीमा का प्रीमियम, सोने की अंगूठी, बच्चों के शिक्षा आदि का हिसाब लेने पर पता चला दरोगा ने आय से 49 लाख 69 हजार 132 रुपया अधिक की कमाई की थी। इस अवैध कमाई का वह हिसाब नहीं दे सके। इसी आधार पर एंटी करप्शन ने घूरपुर थाने में ही पूर्व थानेदार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी दरोगा की वर्तमान में बांदा जिले में तैनाती है।

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