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माघी पूर्णिमा स्नान पर्व आज ,सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का कुंभ क्षेत्र में लगा तांता ,संगम में आस्था की डुबकी लगाने को उमड़ा जनसैलाब

माघी पूर्णिमा स्नान पर्व आज ,सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का कुंभ क्षेत्र में लगा तांता ,संगम में आस्था की डुबकी लगाने को उमड़ा जनसैलाब
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शशांक मिश्रा

कुंभ 2019 का आज पांचवा स्नान पर्व है सुबह से ही हर हर गंगे का नारा लगाते हुए श्रद्धालुओं ,स्नानार्थियों का जत्था संगम क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है !आज पांचवें पर्व माघी पूर्णिमा पर स्नान के लिए दूर दराज से लाखों श्रद्धालू संगम में स्नान के लिए पहुंच गए हैं।


संगम में स्नान के लिए सोमवार से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। मेला प्रशासन ने इस पर्व पर एक करोड़ 60 लाख लोगों के स्नान का अनुमान लगाया है। सोमवार को 70 लाख लोगों ने त्रिवेणी में डुबकी लगा ली और आज एक करोड़ से अधिक आस्थावानों के स्नान की उम्मीद जताई गई है। आठ किमी के क्षेत्र में 40 घाटों पर स्नान की तैयारियां की गई है।


मान्यता है कि माघी पूर्णिमा पर देवता भी रूप बदलकर गंगा स्नान के लिए प्रयाग आते हैं। इसलिए इस तिथि का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है। जो श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग में एक मास तक कल्पवास करते हैं। माघी पूर्णिमा पर उनके व्रत का समापन होता है।


सभी कल्पवासी माघी पूर्णिमा पर माता गंगा की आरती पूजन करके साधु संन्यासियों और ब्राह्मणों को भोजन कराते हैं। बची हुई सामग्री का दान कर देवी गंगा से फिर बुलाने का निवेदन कर अपने घर जाते हैं। कहते हैं कि माघ पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में नदी स्नान करने से रोग दूर होते हैं। इस दिन तिल और कंबल का दान करने से नरक लोक से मुक्ति मिलती है।

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