Top
Begin typing your search...

जाते-जाते सोनिया के गढ़ रायबरेली को ये तोहफा दे गए अरुण जेटली!

निधन से पहले उन्होंने सोनिया के संसदीय क्षेत्र को रोशन करने के लिए 200 सोलर लाइटें लगवाने का पत्र जिलाधिकारी नेहा शर्मा को लिखा था।

जाते-जाते सोनिया के गढ़ रायबरेली को ये तोहफा दे गए अरुण जेटली!
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

रायबरेली : बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का नाता उत्तर प्रदेश और लखनऊ से भी काफी गहरा था। आखिरी सांस लेने से पहले अरुण जेटली कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली को खूबसूरत उपहार दे गए। निधन से पहले उन्होंने सोनिया के संसदीय क्षेत्र को रोशन करने के लिए सोलर लाइटें लगवाने का पत्र जिलाधिकारी नेहा शर्मा को लिखा था।

बतौर राज्यसभा सांसद उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधत्व करने वाले अरुण जेटली ने जिला प्रशासन को पत्र में लिखा कि सांसद लोकल एरिया डिवेलपमेंट (MPLAD से रायबरेली में 200 सौर ऊर्जा वाली हाई मास्ट लाइट लगाई जाए। यह राशि उन्होंने सांसद निधि योजना के तहत अपने फंड से मंजूर की थी। बता दें कि एक सांसद को स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत 5 करोड़ रुपये आवंटित किए जाते हैं।

ढाई करोड़ रुपये से लगेंगी सोलर लाइटें

जेटली के प्रतिनिधि हीरो बाजपेयी ने रविवार को कहा कि अरुण जेटली की यह सिफारिश रायबरेली प्रशासन को 17 अगस्त को सौंपी गई थी। जेटली चाहते थे कि कि दीपावली से पहले रायबरेली को रोशन किया जाए। उन्होंने अपने फंड से ढाई करोड़ रुपये इन सोलर लाइटों के लिए दिया। डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि परियोजना को जिला ग्रामीण विकास एजेंसी के साथ समन्वय बनाकर जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। हम इसे पूरा करने में अब और तेजी लाएंगे।

अरुण जेटली ने जब अक्टूबर में रायबरेली में योजनाओं पर अपने एमपीएलएडी फंड खर्च करने की घोषणा की थी, तो इसे लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के गढ़ को तोड़ने के कदम के रूप में देखा गया था। हीरो ने कहा कि लेकिन हकीकत यह है कि जिले के पिछड़ेपन ने अरुण जेटली को रायबरेली चुनने के लिए प्रेरित किया।

Special Coverage News
Next Story
Share it