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परिवहन विभाग के अवैध बस डिपो से मौत बनकर निकली थी रोडवेज बस, सच जानकर रह जाएंगे हैरान

परिवहन विभाग के अवैध बस डिपो से मौत बनकर निकली थी रोडवेज बस, सच जानकर रह जाएंगे हैरान
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यूपी के शामली में रोड़वेज बस द्वारा आधा दर्जन लोगों को कुचलने और हादसे में तीन मासूम बच्चों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में यह पता चला है कि जिस रोडवेज बस से यह हादसा हुआ था, वह अवैध रूप से चलाए जा रहे परिवहन विभाग के बस डिपो से संचालित हो रही थी. सीधे शब्दों में कहें तो परिवहन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी स्वयं ही इस अवैध बस डिपो का संचालन कर रहे थे, जिसके संचालन के लिए परिवहन विभाग द्वारा कोई आदेश जारी नही किया गया था. फिलहाल पूरा सच सामने आने के बाद आलाधिकारियों ने इस डिपो से बसों का संचालन बंद कर दिया है.

गाजियाबाद के मुरादनगर में अधिकारियों की लीपापोती से तैयार की गई इमारत ढह जाने से दर्जनों परिवारों ने अपने स्वजनों को खो दिया. सरकारी अधिकारियों की कारगुजारियों से जुड़ा ऐसा ही एक मामला शामली जिले में भी सामने आया हैं. यहां पर एक खटारा रोडवेज बस द्वारा तीन मासूम बच्चों की मौत के घाट उतारने और कई लोगों को अपाहिज बनाने के मामले में परिवहन विभाग के आलाधिकारियों द्वारा की गई जांच में चौकाने वाला खुलासा हुआ है. पता चला है कि परिवहन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज पुंडीर द्वारा जलालाबाद में अवैध रूप से बगैर विभागीय अनुमति के बस डिपो का संचालन किया जा रहा था. अब आप समझ ही सकते हैं कि जब बस डिपो ही अवैध था, तो उससे संचालित होने वाली बसों की क्या हालत होगी?

4 दिसंबर 2020 को शामली जिले के थानाभवन में जलालाबाद बस डिपो की एक रोडवेज बस ब्रेक फेल होने की वजह से बस स्टॉप पर खड़ी सवारियों के ऊपर चढ़ गई थी. बस के नीचे कुचलते जाने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य कई लोग अपाहिज होकर अभी भी अस्पतालों में अपना उपचार करा रहे हैं. इस दर्दनाक हादसे के बाद अधिकारियों की आंखे खुली, तो खटारा रोडवेज बस से हुए हादसे पर जांच बैठाई गई. जांच जब परिवहन विभाग के आलाधिकारियों के सामने आई, तो सभी की आंखे खुली की खुली रह गई, क्योंकि हादसे के लिए जिम्मेदार रोडवेज बस जिस डिपो से संचालित हो रही थी, वहां परिवहन विभाग की लिस्ट में ही नही था. यानि की विभागीय अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय सहमति के आधार पर बगैर विभागीय प्रमीशन और मानकों की अनदेखी कर जलालाबाद में रोडवेज का अवैध डिपो चलाया जा रहा था. अब पूरा सच सामने आने के बाद परिवहन विभाग के आलाधिकारियों ने सबसे पहले इस अवैध रोडवेज बस स्टैंड से बसों का संचालन करना बंद कर दिया है, लेकिन इस अवैध डिपो पर विभाग का स्टॉफ अभी भी काम कर रहा है.

मंत्री जी ने किया था डिपो का उद्घाटन..

थानाभवन में हुए हादसे के बाद जलालाबाद रोडवेज डिपो से बस का संचालन बंद कर दिया गया है, लेकिन यहां पर अभी भी परिवहन विभाग का स्टॉफ काम कर रहा है. डिपो पर मौजूद वरिष्ठ केंद्र प्रभारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि जलालाबाद बस डिपो का उद्घाटन चार अगस्त 2019 को कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक सुरेश राणा द्वारा किया गया था. इसके बाद 23 अगस्त 2019 से इस डिपो से रोडवेज बसों का संचालन भी शुरू हो गया था. उन्होंने डिपो की खटारा बस से थानाभवन में हुए हादसे को आकस्मिक दुर्घटना बताया, लेकिन डिपो के अवैध रूप संचालित होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नही है. उन्हें यहां पर तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज पुंडीर के आदेशों के तहत तैनाती मिली है.


Shiv Kumar Mishra
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