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सिक्खों के दसवें गुरु गुरुगोविंद सिंह के जयंती के उपलक्ष्य में विशाल शोभायात्रा व संकीर्तन

सवा लाख से एक लड़ाऊँ चिड़ियों सों मैं बाज तड़ऊं तबे गोबिंदसिंह नाम कहाऊं।

सिक्खों के दसवें गुरु गुरुगोविंद सिंह के जयंती के उपलक्ष्य में विशाल शोभायात्रा व संकीर्तन
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सिक्खों के दसवें गुरु गुरुगोविंद सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में प्रकाशोत्सव पर पर आज सुल्तानपुर नगर में गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के संयोजन में विशाल शोभायात्रा निकाली गई।शोभायात्रा का विभिन्न समुदाय के लोगों ने बाध मंडी शाहगंज चौक ठठेरी बाजार सब्जी मंडी,जीएन रोड व डाक घर चौराहे पर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर सिक्ख समुदाय के युवको ने समूचे नगर की सड़कों की धुलाई कर स्वच्छता व सेवा भावना का संदेश दिया। शोभा यात्रा के दौरान महिलाओं ने कीर्तन और भजन भी किया।

गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के प्रबंधक सुदीप पाल सिंह ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी ने मानवता का संदेश दिया था, उन्होंने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी बेहद ही निडर और बहादुर योद्धा थे। सवा लाख से एक लड़ाऊँ चिड़ियों सों मैं बाज तड़ऊं तबे गोबिंदसिंह नाम कहाऊं। गुरु गोबिंद सिंह जी आध्यात्मिक गुरु होने के साथ ही कवि और दार्शनिक भी थे।

पंचप्यारे हरप्रीत सिंह ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह के जो मूल सिद्धांत थे उसमें गुरु गोविंद सिंह ने पंच प्यारों के लिए अमृत तैयार कराया, इसी अमृत के चलते पंचप्यारे सिंह सजाए गए, हम लोग गुरु ग्रंथ साहब की अगुवाई में पंचप्यारे चल रहे है।

लालजी सुल्तानपुर

Shiv Kumar Mishra
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