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उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के मौत के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में आया उबाल

 Sujeet Kumar Gupta |  7 Dec 2019 7:54 AM GMT  |  नई दिल्ली

उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के मौत के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में आया उबाल

उन्नाव कांड की पीड़िता की बीती रात दिल्ली में मौत के बाद प्रदेश का सियासी पारा एकाएक चढ़ गया है। मृत पीड़िता के परिवारीजनों को इंसाफ दिलाने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जहां उन्नाव के लिए रवाना हो गई, वहीं सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विधानभवन के सामने धरने पर बैठ गए। तो बासपा सुप्रीमों ने तो राज्यपाल से मिलने की योजना बना ली है ।

लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) दफ्तर के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे, इसी बीच पुलिस और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भिड़ंत हो गई. पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया. इसी बीच कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा रेप पीड़िता के परिवार से मिलने उन्नाव पहुंची।

परिजनों ने प्रियंका गांधी को बताया कि एक साल में आरोपियों ने उनके पूरे परिवार को प्रताड़ित किया है पीड़िता के पिता ने प्रियंका गांधी को आपबीती सुनाई और कहा कि एक साल में परिवार पर अत्याचार किया गया. परिवार को धमकाया गया और परिवार की बच्ची को स्कूल ना भेजने की धमकी भी दी गई.

पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने कहा, परिजनों ने उन्हें बताया कि आरोपियों ने घर में घुसकर रेप पीड़िता के पिता से मारपीट भी की. कांग्रेस महासचिव ने कहा, बीते एक साल से पीड़िता और उसके परिवार को परेशान किया जा रहा था. मैंने यह भी सुना है कि दोषियों का बीजेपी से संबंध है. राज्य में अपराधियों में कोई डर नहीं है.

अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्नाव की घटना बीजेपी सरकार में पहली नहीं है. जो बेटी के साथ हुआ. वह बहादुर थी. उसकी आखिरी शब्द थे की वह जिंदा रहना चाहती थी. सफदरजंग के डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी उसकी जान नहीं बच पाई. हमारे लिए यह काला दिवस है. एक बेटी जो न्याय मांग रही थी हम उसे न्याय नहीं दे पाए

उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार के राज में यह पहली घटना नहीं है. याद कीजिए जब मुख्यमंत्री आवास के सामने एक बेटी न्याय मांग रही थी और उसे आत्मदाह की कोशिश करनी पड़ी तब जाकर मुकदमा लिखा गया. याद कीजिए बाराबंकी के उस बेटी की घटना जो यहीं मुख्यमंत्री आवास पर आई थी न्याय मांगने के लिए. उसने भी आत्मदाह किया और बाद में उसकी जान नहीं बची. उन्नाव की एक बेटी का तो पूरा परिवार खो दिया. कौन दोषी था, भारतीय जनता पार्टी की सरकार दोषी थी. यह बेटी जिसकी जान गई है तो उसके भी कोई दोषी हैं तो वह सरकार है क्योंकि सरकार की जानकारी में था।

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि जो अपराध करेंगे उन्हें ठोक दिया जाएगा. लेकिन क्या वजह है, क्या कारण है कि अपराधी यहीं पर हैं. जो बात सदन में कही गई हो. उसके बाद भी सरकार एक बेटी की जान नहीं बचा पाई. बीजेपी सरकार में ना बेटियां सुरक्षित हैं, न सड़क पर बेटियों का सम्मान है. क्या यही भारतीय जनता पार्टी का नारा था.

अखिलेश यादव ने अंत में यह भी कहा कि जब तक यूपी के मुख्यमंत्री, गृह सचिव और डीजीपी रिजाइन नहीं करते पीड़िता को न्याय नहीं मिलेगा. हम कल पूरे राज्य के सभी जिलों में उन्नाव रेप केस को लेकर शोक सभाएं करेंगे।

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