Top
Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > कानपुर कांड : पुलिसवालों के शव जलाना चाहता था विकास दुबे, पुलिस पूछताछ में उगले कई राज!

कानपुर कांड : पुलिसवालों के शव जलाना चाहता था विकास दुबे, पुलिस पूछताछ में उगले कई राज!

विकास दुबे से पुलिस पुछताछ कर रही है।

 Arun Mishra |  9 July 2020 2:29 PM GMT

कानपुर कांड : पुलिसवालों के शव जलाना चाहता था विकास दुबे, पुलिस पूछताछ में उगले कई राज!
x

उज्जैन : विकास दुबे को उज्जैन में गिरफ्तार किया जा चुका है। कानपुर घटना के बाद सातवें दिन उसे गिरफ्तार किया जा चुका है। विकास दुबे से पुलिस पुछताछ कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विकास को पुलिस की होनेवाली रेड के बारे मे काफ़ी पहले से ही जानकारी थी। इसीलिए उसने अपने साथियों को बुला लिया था। उसने सभी को कहा था कि कुछ ख़तरा है इसलिये हथियार लेकर आने के भी कहा था। विकास का कहना है कि आमतौर पर उसके साथी वैसे भी हथियार लेकर ही आसपास जाते थे। लेकिन घटना के एक दिन पहले ही उसने लोगों को बोल दिया था कि हथियार लेकर आएं।

सूत्रों के मुताबिक, विकास ने बताया कि घटना के बाद घर के ठीक बगल में कुएं के पास पांच पुलिसवालों की लाशों को एक के ऊपर एक रखा गया था जिससे उनमें आग लगा कर सबूत नष्ट कर दिए जाएं. आग लगाने के लिये घर में गैलनों में तेल रखा गया था. उन सब के शव तेल से जलाने का इरादा था लेकिन लाशें जमा करने के बाद उसे मौक़ा नहीं मिला, फिर वो फ़रार हो गया. उसने अपने सभी साथियों को अलग-अलग भागने के लिये कहा था.

सूत्रों ने बताया कि फरार होने से पहले विकास दुबे ने उसने अपने सभी साथियों को अलग अलग भागने के लिये कहा था। गांव से निकलते वक्त ज्यादातर साथी जहां भी समझ में आया भाग गये। उसने बताया कि उसे सूचना थी कि पुलिस भोर (सुबह) आयेगी। लेकिन पुलिस रात में ही रेड करने आ गयी। हमने खाना भी नहीं खाया था, जबकि सबके लिये खाना बन चुका था। विकास ने पुलिस को बताया कि घटना के अगले दिन मारा गया विकास का मामा, जेसीबी मशीन का इंचार्ज था लेकिन वो जेसीबी नहीं चला रहा था।

उसने बताया कि रात मे राजू नाम के एक साथी ने जेसीबी मशीन को बीच सड़क मे पार्क की थी। मामा को अगले दिन पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया था। विकास ने पुलिस को बताया है कि चौबेपुर थाना ही नहीं बारे के थानों में भी उसे मददगार थे। जो तमाम मामलों में उसका मदद करते थे। विकास ने पुलिस से पूछताछ कहा कि लॉकडाउन के दौरान चौबेपुर थाने के तमाम पुलिसवालों का मैंने बहुत ख़्याल रखा। सबको खाना-पीना खिलाना और दूसरी मदद भी करता था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कानपुर घटना में शहीद हुए सीओ देवेंद्र मिश्र के बारे में विकास दुबे ने बताया कि देवेंद्र मिश्र से मेरा नहीं बनती थी। कई बार वो मुझसे देख लेने की धमकी दे चुके थे। पहले भी बहस हो चुकी थी। इतना ही नहीं विकास दुबे ने बताया कि SO विनय तिवारी ने भी उसे बताया था कि सीओ उसके ख़िलाफ हैं। इसीलिए विकास दुबे को सीओं पर गुस्सा था।

विकास दूबे से अबतक मिली जानकारी के मुताबिक, सीओ को सामने के मकान में मारा गया था। सूत्रों के अनुसार विकास दुबे ने कहा कि उसने सीओ को नहीं मारा, लेकिन उसके साथ के आदमियों ने दूसरी तरफ़ के आहाते से कूदकर मामा के मकान के आंगन में मारा था। पैर पर भी वार किया था। विकास ने पुलिस से कहा कि क्योंकि मुझे पता चला था कि वो बोलता है कि विकास का एक पैर गड़बड़ है। दूसरा भी सही कर दूंगा। सीओ का गला नहीं काटा था, गोली पास से सिर मे मारी गयी थी इसलिये आधा चेहरा फट गया था।

Tags:    
Arun Mishra

Arun Mishra

Arun Mishra


Next Story

Similar Posts

Share it