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कुमार विश्वास के इस ट्वीट ने किया सोचने पर मजबूर, क्या बदलते देश की यही है परिभाषा?

 Special Coverage News |  8 Nov 2019 6:48 AM GMT  |  दिल्ली

कुमार विश्वास के इस ट्वीट ने किया सोचने पर मजबूर, क्या बदलते देश की यही है परिभाषा?

हिंदी के जाने माने कवि डॉ कुमार विश्वास ने एक ट्वीट किया। इसमें एक फोटो है। फोटो में विज्ञापन, विज्ञापन में कुछ ऐसा है, जो आपको हंसने पर तो पता नहीं… लेकिन सोचने पर जरूर मजबूर कर देगा । दरअसल, वृंदावन फूड प्रॉडक्ट्स कंपनी को नौकरी के लिए 100 पुरुष चाहिए। शर्त यह है कि सभी लोग अग्रवाल-वैश्य समुदाय के होने चाहिए। यह ऐड अखबार में छपा है। इसी को लेकर कुमार विश्वास ने तंज भरा ट्वीट किया है। यहां तक कि उन्होंने रेल मंत्री पीयूष गोयल और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्रालय को भी इसमें टैग किया है।



कुमार विश्वास लिखते हैं, 'बेहद शर्मनाक सोच व कार्य ! संविधान की मर्यादा को तार-तार करते इस संस्थान के विरुद्ध एक कठोर व मानक कार्यवाही सरकार के "सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास" नारे को सत्य सिद्ध करेगी @PiyushGoyal @myogiadityanath @HMOIndia जी! आशा है आप सब जो कहते रहे हैं उसे मानते भी होगें ही।



संजीव यादव ने यह ट्वीट शेयर किया था। उन्होंने लिखा, 'रेलवे का ठेका लेने वाली वृंदावन फूड प्रॉडक्ट्स कंपनी को नौकरी हेतु 100 पुरुष चाहिए। लेकिन इस कंपनी की एक महत्वपूर्ण शर्त है कि नौकरी में apply करने वाले सभी लोग अग्रवाल-वैश्य समुदाय के ही होने चाहिए। इन्हें ब्राह्मण, राजपूत, दलित, पिछड़े, आदिवासी,अल्पसंख्यक और महिला स्टाफ नहीं चाहिए।



अब इस मसले को लेकर बहस छिड़ गई है। दो धड़े बंट गए हैं, एक जो सही कह रहे हैं, एक जो इसे गलत बता रहे हैं। मामला वायरल हो चुका है। दिखाते हैं आपको जनता इस मसले पर क्या बोल रही है।







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