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बीजेपी का देश में ऐसा उम्मीदवार जो नहीं कर सकता है अपने क्षेत्र में प्रचार, नामांकन के लिए मिली एक दिन की अनुमति

 Special Coverage News |  18 April 2019 3:22 PM GMT  |  कोलकाता

बीजेपी का देश में ऐसा उम्मीदवार जो नहीं कर सकता है अपने क्षेत्र में प्रचार, नामांकन के लिए मिली एक दिन की अनुमति
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प्रथ्वीसदास गुप्ता

2019 की चुनाव का घोषणा होते ही पश्चिम बंगाल में तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल होने की एक लहर दिखी. जिसमें दो बड़े-बड़े नाम एक अर्जुन सिंह और दूसरा सांसद सौमित्र का है. सुमित रखा तृणमूल से विधायक रहे और उसके बाद सांसद सुमित रखा रहे. तृणमूल छोड़ने की जिस दिन घोषणा की उसके बाद दिल्ली के भाजपा के केंद्रीय दफ्तर में शामिल होने की घोषण की. ठीक उसके दूसरे दिन अपने ही पूर्व सांसद के ऊपर राज्य की तृणमूल कांग्रेस ने अपने पुलिस से 7 केस दर्ज करवाएं. जिसमें बालू खदान से गैरकानूनी बालू उठाने की सहायता करना गिट्टी और कोयला चोरी को मदद देना और स्कूल की नौकरी दिलवाने की झांसा देकर एक आदमी से पैसा लेने का आरोप दर्ज हुआ.


सौमित्र रेखा के ऊपर पश्चिम बंगाल ही नहीं इस 2019 के चुनाव में शायद यह एकमात्र उम्मीदवार है जो अपने क्षेत्र में अभी तक चुनाव प्रचार करने की अनुमति नहीं मिली है. न्यायालय से सौमित्र रखा ने पहले कोलकाता की उच्च न्यायालय में अपनी अपील दाखिल की पर कोलकाता हाई कोर्ट ने उनको सारे आरोप से तत्कालीन जमानत मंजूरी की पर साथ साथ उनको अपने क्षेत्र में जाने के लिए अपने डिस्ट्रिक्ट में बांकुड़ा जिला में जाने के लिए सख्त पाबंदी लगा दी. जिसके बाद से सुमित रखा की धर्मपत्नी सुजाता खाने और उनकी फैमिली ने पूरे क्षेत्र में चुनाव प्रचार में जुड़ गए इलाकाई लोगों उनका साथ दे रहे हैं पर सोमित्र का अभी तक अपने चुनाव क्षेत्र में जाने का अनुमति नहीं मिला.




इसके बाद उन्होंने देश की सर्वोच्च न्यायालय में अपना दरख्वास्त दाखिल किया. जिसमें उनको खाली 1 दिन जो नामांकन करने के लिए अनुमति मिला. आज सुमित रखा ने चुनाव घोषणा के बाद पहली बार अपने क्षेत्र में गए और अपना नामांकन दाखिल किया. भारी मात्रा में लोग उनके साथ रैली करते रहे. जहां पर 2014 में यही सुमित्र का तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार थे और अपनी जीत हासिल की थी. पर वहां पर 2014 में भाजपा तीसरी पार्टी के रूप में उभर के आए थे जो कि आज की रैली और जनता की प्यार बता रहा है कि स्वामी तथा भाजपा के मूल के लिए कांटे की टक्कर बन गया. सोमित्र का भाजपा के उम्मीदवार घोषणा होने के बाद राज्य की युवा कांग्रेस की अध्यक्ष तथा डायमंड हर बार लोकसभा क्षेत्र की पूर्व सांसद और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजा अभिषेक बनर्जी ने खुलेआम मीडिया के सामने ऐलान किया और रैलियों में भी बोलते रहे कि अगर सौमित्र का विष्णुपुर क्षेत्र से बांकुड़ा जिले की विष्णुपुर क्षेत्र से अपनी जीत हासिल करती है तो मैं अपना पॉलिटिक्स छोड़ दूंगा मैं कभी कोई चुनाव में हिस्सा नहीं लूंगा यह मेरा दावा है मेरा चैलेंज है.





जबकि आज मतदान करने गए 1 दिन की अनुमति लेकर के जो देखने लायक थे. लोगों की उत्साह उनके तरफ और लोगों के भीड़ उनके रैली में देखने लायक थे. अब देखते हैं सूत्रों के अनुसार सुमित्र का दोबारा कोलकाता हाई कोर्ट में अपनी दर्ज दाखिल करेंगे. अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट की कहना था कि अगर अपने जिला में और अपने लोकसभा क्षेत्र में जाना है. तो कोलकाता हाईकोर्ट से ही आपको अनुमति लेना पड़ेग. इसलिए आज नामांकन के बाद शायद कल न्यायालय का दरवाजा खटखटा रहे. अब देखते हैं कोलकाता हाई कोर्ट उनको अनुमति देते हैं या नहीं अगर सुमित रखा को अनुमति नहीं मिलता है. शायद 2019 के लोकसभा चुनाव में केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं पूरे देश में एक ऐसा उम्मीदवार उम्मीदवार होंगे जो अपने चुनाव क्षेत्र में और अपने जिला में नहीं घुस कर के बिना घुसे वह चुनाव लड़ेगा.

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