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ऑपरेशन काली से बंगाल में मचा हडकम्प, पत्रकार उमेश कुमार के कैमरे ने नाप ली ममता के मंत्रियों की हकीकत!

ऑपरेशन काली से बंगाल में मचा हडकम्प, पत्रकार उमेश कुमार के कैमरे ने नाप ली ममता के मंत्रियों की हकीकत!
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उत्तराखंड की हरीश रावत और त्रिवेंद्र सिंह की सरकारों के भ्रष्टाचारों को उजागर करने वाले और इसके चलते सत्ता सिस्टम के उत्पीड़न को झेलते हुए कोर्ट कचहरी थाना पुलिस जेल के चक्कर लगा चुके उमेश कुमार ने पिछले दिनों पश्चिम बंगाल में कदम रखा. खोजी पत्रकारों की उनकी एक टीम ने 'आपरेशन काली' चलाया. जिसमें बंगाल के कई मंत्रियों की पोल खुल गई.

इस आपरेशन के तहत कई मंत्रियों का कच्चा चिट्ठा उनकी टीम ने पकड़ा. आज प्रेस क्लब आफ इंडिया में उमेश कुमार ने आपरेशन काली पार्ट (एक) का खुलासा एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिए किया. इसमें उन्होंने एक वीडियो का प्रसारण किया जिसमें ममता सरकार के मंत्री, विधायक व अन्य रिश्वत लेते दिख रहे हैं.

बताया जाता है कि इस आपेरशन की भनक पिछले दिनों ममता सरकार के मंत्रियों को लग गई तो उनने स्टिंग करने वाले कुछ पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा अपने मध्यस्थों के जरिए लिखवा दिया. बताया जाता है कि एक पत्रकार को कोलकाता पुलिस की एक टीम नोएडा से उठा ले गई. कुछ अन्य पत्रकार फरार बताए जाते हैं. यानि बंगाल में भी करप्शन उजागर करने वाले स्टिंग के चलते सत्ता-सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है. इस सब व्यवधान के बावजूद उमेश कुमार की टीम अपने आपरेशन को पूरा करने में कामयाब हो गई.

प्रेस क्लब आफ इंडिया में उमेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत करते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति का वितरण वहां उपस्थित पत्रकारों के बीच कराया. उस प्रेस रिलीज को नीचे दिया जा रहा है.

साफ सुथरी छवि का दावा करने वाली ममता सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबी निकली. शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माना जाने वाले पश्चिम बंगाल में विगत दस वर्षों में एजुकेशन सेक्टर में काफी गिरावट आई है. इसके पीछे प्रमुख वजह है करप्शन. ममता की सरकार में बैठे विधायकों व मंत्रियों का शिक्षा या विकास से कोई सरोकार नहीं है. इन्हें तो बस मोटी रकम चाहिए. कह सकते हैं कि पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में गिरते स्तर के लिए वहां के बड़े नेता जिम्मेदार हैं.

शिक्षा के समुद्र में पल रहे इन भ्रष्टाचारी मगरमच्छों को बेनकाब करने के लिए मेरी एसआईटी टीम (खोजी पत्रकारों का दल) ने एक अभियान चलाया. इसका नाम दिया गया-आपरेशन काली. इस आपरेशन काली के तहत कई कैबिनेट मंत्रियों, राज्यमंत्रियों और विधायकों पर ड्रिल किया गया. इसमें कई बड़े चेहरों का भ्रष्टाचार में लिप्त होना पाया गया. इस ड्रिल के दौरान कई बड़े चौकाने वाले तथ्य सामने आए.

इन तथ्यों को एक एक कर हम आपके सामने रखेंगे. फिलहाल हम यहां आपरेशन काली का पार्ट वन दिखा रहे हैं. इसमें हम दिखा रहे हैं कि पश्चिम बंगाल के स्कूलों में बच्चों के लिए उच्च स्तरीय रोबोटिक साइंस शिक्षा को लागू करवाने के लिए मंत्री/विधायक प्रति बच्चा कमीशन तय करते हैं और घूस की अग्रिम रकम व महंगे गिफ्ट भी उसके बदले प्राप्त करते हैं.

आपरेशन काली के पार्ट एक के माध्यम से हम आपको ममता सरकार के दो कद्दावर मंत्रियों का असली चेहरा आपके सामने दिखा रहे हैं.

उमेश कुमार

वरिष्ठ पत्रकार

Shiv Kumar Mishra
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