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अमित शाह की चिट्ठी पर तृणमूल कांग्रेस का पलटवार, 'आरोप साबित करें, नहीं तो माफी मांगें'

अमित शाह ने पश्चिम बंगाल सरकार पर प्रवासियों को लेकर आने वाली ट्रेनों को राज्य में न आने देने का आरोप लगाते हुए एक पत्र लिखा था?

 Arun Mishra |  9 May 2020 9:27 AM GMT

अमित शाह की चिट्ठी पर तृणमूल कांग्रेस का पलटवार, आरोप साबित करें, नहीं तो माफी मांगें
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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पत्र पर अब जवाबी हमला बोला है। अमित शाह ने पश्चिम बंगाल सरकार पर प्रवासियों को लेकर आने वाली ट्रेनों को राज्य में न आने देने का आरोप लगाते हुए एक पत्र लिखा था। अभिषेक ने इस पत्र के जवाब में शनिवार को कहा कि गृह मंत्री अपने आरोप साबित करें नहीं तो माफी मांगें। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि गृह मंत्री हफ्तों तक चुप्पी साधे रखने के बाद झूठ बोलकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा कि शाह उन लोगों की बात कर रहे हैं जिन्हें केंद्र ने किस्मत के भरोसे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का यह कहना सही नहीं है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मजदूरों को आने की अनुमति नहीं दे रहीं। औरंगाबाद रेल हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 16 प्रवासी मजदूर आपकी आंखों के सामने मर गए, क्या रेल मंत्री इसकी जिम्मेदारी लेंगे?

अभिषेक की चुनौती, आरोप साबित करें या माफी मांगें

अभिषेक ने ट्वीट किया, 'एक गृह मंत्री जो इस संकट काल में अपना काम करने में नाकाम रहा, वह अब हफ्तों की चुप्पी के बाद झूठ बोलकर सिर्फ लोगों को गुमराह करने के लिए बोल रहा है। विडंबना है कि वह ऐसे लोगों के बारे में बात कर रहे है जिन्हें उन्हीं की सरकार ने उनकी किस्मत के भरोसे छोड़ दिया। अमित शाह, आप अपने झूठे आरोप साबित करें या माफी मांगें।'

कोरोना के मुद्दे पर केंद्र और बंगाल सरकार के बीच तल्खी

कोरोना के मुद्दे पर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि ममता सरकार प्रवासी मजदूरों को लेकर आ रही ट्रेनों को अपने राज्य में नहीं घुसने दे रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने ममता को एक पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें बंगाल के प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार से सहयोग नहीं मिल रहा है। शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार प्रवासी मजदरों को लेकर आ रही ट्रेनों को अपने यहां आने की इजाजत नहीं दे रही है। यह प्रवासी मजदूरों के साथ अन्याय है और इससे उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।

कोरोना के आंकड़ों और केंद्रीय टीमों को भेजने पर भी हुआ टकराव

यह पहला मौका नहीं है जब कोरोना के मुद्दे पर केंद्र और ममता सरकार में ठनी है। केंद्र का आरोप है कि पश्चिम बंगाल सरकार कोरोना के मामलों के आंकड़े छिपा रही है। दूसरी ओर ममता का दावा है कि पश्चिम बंगाल की स्थित कई दूसरे राज्यों से बेहतर है। इससे पहले केंद्र की टीम जब कोरोना की स्थिति का जायजा लेने के लिए कोलकाता पहुंची थी तो इस पर भी जमकर सियासी बवाल हुआ था। केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट मिलने के बाद गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा था कि राज्य में लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने की जरूरत है।

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