Top
Begin typing your search...

तृणमूल और भाजपा में कांटे की टक्कर बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र में

जहां से तृणमूल के पूर्व विधायक जो 5 बार भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से अर्जुन सिंह बाहुबली विधायक रह चुके हैं. अर्जुन सिंह ने पिछले 14 मार्च 2019 को टीएससी छोड़ के बीजेपी में अपना शामिल हो गये.

तृणमूल और भाजपा में कांटे की टक्कर बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र में
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

प्रथ्वीसदास गुप्ता की रिपोर्ट

2014 की लोकसभा चुनाव जितने नजदीक आ रहे हैं, उतने ही देश की सबसे बड़ी चर्चित राज्य पश्चिम बंगाल का चुनावी माहौल उतना ही गर्म होता जा रहा है. यहाँ सबसे चर्चित जो क्षेत्र हैं वह बैरकपुर है. जहां से तृणमूल के पूर्व विधायक जो 5 बार भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से अर्जुन सिंह बाहुबली विधायक रह चुके हैं. अर्जुन सिंह ने पिछले 14 मार्च 2019 को टीएससी छोड़ के बीजेपी में अपना शामिल हो गये.


दिल्ली में उन्होंने बीजेपी की सदर दफ्तर में आकर बीजेपी का झंडा उठा लिया. जिसके बाद से बैरकपुर क्षेत्र में माहौल गरमाया हुआ है. जबकि बीजेपी ने 2019 के लोक चुनाव में बैरकपुर क्षेत्र से अर्जुन सिंह को उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर चुके हैं. इसके बाद जितने दिन जा रहे हैं उतने लोगों की उत्साह बढ़ रहे हैं. पूरे राज्य के लोग इस क्षेत्र के ऊपर देख रहे हैं. हर रोज सुर्खियों में बने हुए हैं. कुछ दिन पहले भाटपारा म्युनिस्पिलटी का चेयरमैन रह चुके अर्जुन सिंह के खिलाफ कांग्रेस ने आशंका जताई जिसके खिलाफ अर्जुन सिंह ने हाई कोर्ट की दरवाजा खटखटाने पर अदालत ने पोर्ट कराने की घोषणा कर दी और अनुमति दे दी. जिस अनुमति के तहत चेयरमैन के चुनाव में अर्जुन सिंह 1122 काउंसलर वोटो से हार चुके हैं. उनकी चेयरमैनशिप भी जा चुके हैं.


हालांकि इस दरमियान भाटपारा म्युनिसिपालिटी का जो सालाना बजट होता है उस बजट की प्रस्ताव को पास करा लिया. 13 काउंसलर की समर्थन लेकर गए. जिसमें एक सी पी एम की भी काउंसिल रहे. अगर पिछले चुनाव की हिसाब दिखा जाए 2009 जिसमें बीजेपी का वोट था मात्र 30970 और जहां पर टीएमसी को वोट मिला था 428000 और सीपीएम को मिला था 372675 .




2014 की चुनाव में 30000 में बीजेपी आ गए 230401 वोट जहां किसी को भी 50206 - 100000 घाट के 272000 हो गए अब देखना यह है कि 2009 में बीजेपी के पास कम्युनिस्ट पार्टी का सीएम का एक साथ में जो नए आए और दूसरे पार्टियों की वोटर थे सब मिलकर 200000 वोटों से आगे निकल गए बीजेपी 2014 इलेक्शन में रुतबा रहे तो 2019 के चुनाव में और 200000 वोट मिलता है तो बीजेपी की अंक हो जाएंगे दो लाख 4:00 लाख 30000 टीम की तरफ से कुछ भी वोट गिरा. अगर 50 गए तो बीजेपी जीत जाएंगे.




सबसे बड़ी बात यह है कि इस क्षेत्र की लड़ाई अब कांटे की हो चुकी हैं बीजेपी और कांटे की लड़ाई है मुश्किल यह है कि कौन उम्मीदवार इस चुनाव 2019 की चुनाव क्षेत्र से जीतेंगे 2009 रिजल्ट दिखा जाए इसमें बीजेपी तेजी से आगे बढ़े हैं और अर्जुन सिंह के साथ जबकि भाजपा में बीजेपी की एक भी था यहां पर 11:00 के साथ है इस तरह से बाकी क्षेत्रों से भी अगर अर्जुन सिंह वोट साथ में लेकर आते हैं और 2009 की जो गति है बीजेपी की ओर कर रहे तू कहना मुश्किल है कि इस क्षेत्र से कौन उम्मीदवार अपनी जीत हासिल कर सकता है कुल मिलाकर यह कहना है कि यह क्षेत्र में और बीजेपी की लड़ाई कांटे की टक्कर है अब देखना है इसमें रिजल्ट क्या बोलता है.





Special Coverage News
Next Story
Share it