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जल संकट को लेकर ममता बनर्जी सतर्क

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नागरिकों को 'पानी बचाओ, जीवन बचाओ' के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए कोलकाता में 'पद-यात्रा' आयोजित की।

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पश्चिम बंगाल। जल संकट को देखते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सतर्क हो गईं हैं। ऐसा पश्चिम बंगाल में ना इसलिए ममता बनर्जी शुक्रवार को पानी बचाने का संदेश देने के लिए पदयात्रा निकाली, इस पदयात्रा के जरिए महानगर के लोगों को वो जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश भी दिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नागरिकों को 'पानी बचाओ, जीवन बचाओ' के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए कोलकाता में 'पद-यात्रा' आयोजित की जिसमें टॉलीवुड निर्देशक राज चक्रवर्ती भी उपस्थित थे।

ममता की पदयात्रा 5 किमी की जल बचाओ पदयात्रा में स्कूली छात्र, युवा और एनजीओ से जुड़े हुए लोग शामिल हुए। हालांकि ममता बनर्जी लंबे समय से पानी और पर्यावरण की दिशा में कई पहल कर चुकी हैं। इस समय ममता सरकार जल संरक्षण के लिए 'जल धरो, जल भरो' योजना चला रही हैं. इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि 2011 में सरकार बनने के बाद विगत आठ सालों में तीन लाख से अधिक तालाब खोदे गए हैं। इसके कारण वर्षा जल संचयन संभव हो सका है और बाढ़ के प्रकोप को रोका जा सका है।

बता दें कि दूसरी बार प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार 30 जून को अपने मन की बात में जल संकट से निपटने के लिए लोगों से वर्षा जल के संरक्षण को स्वच्छता की ही तरह जनआंदोलन बनाने की आपील की थी। ममता बनर्जी जल संरक्षण के लिए पदयात्रा पर निकलने वाली पहली मुख्यमंत्री हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात में जल के बारे में बताया कि पानी का हमारी संस्कृति में बहुत बड़ा महत्व है. ऋग्वेद के आपः सुक्तम् में पानी के बारे में कहा गया है. 'वर्षा से जो पानी मिलता है, उसका सिर्फ आठ फीसदी बचाया जाता है. समय आ गया है कि इस समस्या का हल निकाला जाए. मुझे उम्मीद है कि जन भागीदारी से जल संकट का समाधान कर लेंगे. मैंने ग्राम प्रधानों को पत्र लिखा है कि वो पानी बचाने के लिए ग्राम सभा की बैठक करें और पानी पर विचार विमर्श करें. 22 जून को करोड़ों लोगों ने समर्थन किया.'


Sujeet Kumar Gupta
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