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ममता के चहेते आईपीएस की अब होगी गिरफ्तारी, जानिए ये है बड़ी वजह

 Sujeet Kumar Gupta |  13 Sep 2019 11:47 AM GMT  |  नई दिल्ली

ममता के चहेते आईपीएस की अब होगी गिरफ्तारी, जानिए ये है बड़ी वजह

कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार की गिरफ्तारी पर लगी रोक को कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हटा लिया है. जिसके बाद राजीव कुमार की मुश्किलें काफी बढ़ गई है और वो किसी भी वक्त गिरफ्तार हो सकते हैं. वहीं सीबीआई उनके पार्क स्ट्रीट स्थित आवास पर पहुंच गई है. जहां से उन्हें कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। चिटफंड मामले में उनसे पूछताछ के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नोटिस को रद्द कराने हेतु कुमार ने न्यायालय का रुख किया था।

इस पर शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति मधुमति मित्रा की एकल पीठ ने कुमार की गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सीबीआई को यह भी निर्देश दिया है कि एजेंसी अगर कुमार को गिरफ्तार करती है तो इसके पीछे पुख्ता कारण होने चाहिए। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी जब चाहे राजीव कुमार को समन भेजकर कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकती है। कुमार को गवाह के तौर पर बुलाया जाएगा या आरोपित के तौर पर, यह तय करने का अधिकार भी कोर्ट ने सीबीआई को दे दिया है। न्यायालय के आदेश के बाद राजीव कुमार की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी उन्हें सोमवार तक पूछताछ के लिए हाजिर होने का समन जारी कर सकती है। दरअसल इस मामले में विगत डेढ़ महीने से लगातार सुनवाई चल रही थी। कुमार की ओर से अधिवक्ता मिलन मुखर्जी ने पक्ष रखा था। कुमार चाहते थे कि चिटफंड मामले में उनसे पूछताछ के लिए सीबीआई नोटिस नहीं भेजे और पहले से भेजे गए नोटिस को रद्द किया जाए। करीब डेढ़ महीने की सुनवाई के बाद शुक्रवार को न्यायालय ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए इस मामले में जांच अपने मुताबिक चलाने का निर्देश सीबीआई को दिया है।

सीबीआई के मुताबिक, शारदा चिंट फंड घोटाले में निवेशकों का (1983 करोड़ का) बड़ा नुकसान होने के बावजूद राजीव कुमार ने रोज वैली जैसा दूसरा पोंजी चिट फंड घोटाला होने दिया जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में गया तो सीबीआई ने इन आरोपों को वहां भी पेश किया था. सुप्रीम कोर्ट ने किसी ऐसी जगह पूछताछ का निर्देश दिया जहां पर कोई दबाव न डाला जा सके. इसके बाद राजीव कुमार से शिलांग में 5 बार पूछताछ हो चुकी है. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि​ राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है।

बता दें कि राजीव कुमार पर शारदा घोटाले के सबूतों से छेड़छाड़ का गंभीर आरोप है. राज्यसभा के पूर्व सांसद कुणाल घोष के बयान के अनुसार राजीव कुमार ने बंगाल की सीएम को बचाने के लिए उनके निर्देश पर शारदा मामले के सारे साक्ष्य मिटाये हैं. वहीं सीबीआई के अधिकारियों का कहना है कि राजीव कुमार ने शारदा समूह के मालिक सुदीप्त सेन की लाल रंग की एक डायरी व पेन ड्राइव छुपा रखी है. वहीं फोन के कॉल लिस्ट को भी छे़ड़ा था.बताया जा रहा है कि लाल डायरी में बड़े नेताओं को सारधा समूह की ओर से दिए गए धन का लेखा-जोखा है. सुदीप्त सेन से सीबीआई अधिकारियों को बताया है कि उक्त डायर कंपनी मुख्यालय से मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल(एसआइटी) के अधिकारियों ने जब्त कर ले गए थे. लेकिन, राजीव कुमार का कहना है कि उनके पास इस तरह की कोई डायरी नहीं है।

जानकारी के अनुसार कोलकाता हाईकोर्ट से पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को एक और झटका मिला है. राजीव कुमार को गिरफ्तारी से राहत नहीं मिली है. हजारों करोड़ों रुपये के शारदा चिटफंड घोटाले में कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त तथा सीआईडी के एडीजी राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के मामले में लंबी सुनवाई के बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है. दरअसल सीबीआई राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है. वहीं दूसरी ओर राजीव कुमार अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर किए थे।

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