Top
Begin typing your search...

असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का राजनैतिक सफर

असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का राजनैतिक सफर
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

तरूण कुमार गोगोई नें मई 2011 में असम के मुख्यमंत्री का पद ग्रहण किया था। उन्हें राज्यपाल जे. बी. पटनायक ने शपथ दिलाई। यह तीसरी बार है जब तरुण कुमार राज्य के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने कांग्रेस के प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव के कैबिनेट में 1991 से 1995 तक केंद्रीय मंत्री के रूप में राज्य की सेवा की।

वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य रह चुके हैं तथा 2011 में असम के टीटाबर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी का टिकट मिला। पार्टी ने राज्य के चुनावों में पूर्ण बहुमत से जीत भी हासिल की।

पृष्ठभूमि

तरुण कुमार गोगोई का जन्म 1 अप्रैल 1936 को असम में जोरहाट जिले के टी-एस्टेट में हुआ था। उनके पिता दिवंगत डॉ. कमलेश्वर गोगोई थे। तरुण गोगोई ने जोरहट के गवर्नमेंट ब्यॉयज स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा पूरी करके जे.बी कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की उसके बाद उन्होंने गौहाटी विश्वविद्यालय से एलएलबी भी किया। वह एक छात्र नेता थे और जेबी कॉलेज और असम इंटर कॉलेज के छात्र संघ के उपाध्यक्ष थे। जोरहाट कॉलेज संघ के संयुक्त सचिव के रूप में भी सेवा की और छात्र संघ के सेनापति भी रहे।

1968 में इन्हें जोरहट के नगर परिषद के लिए भी चुना गया।

श्रीमती डॉली से तरुणजी की शादी हुई और उनके एक बेटा और एक बेटी भी हुई।

राजनीतिक कैरियर

जोरहट विधानसभा से 1971 में 5वीं लोकसभा के लिए एक सांसद पद पर निर्वाचित किए जाने के बाद इनका राजनीतिक कैरियर शुरू हुआ। 1976 तक वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव रहे। उन्हें 1977 और 1983 में 6वीं और 7वीं लोकसभा के लिए दो बार जोरहट की विधानसभा में चुना गया था। 1985 में उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया। उन्होंने 1986 से 1990 तक चार साल के लिए असम की प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के रूप में सेवा प्रदान की।

उनको 1991 में कालीबोर से 10 वीं लोकसभा के लिए फिर से चुना गया और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। गोगोई को दो विभागों में स्वतंत्र प्रभार दिया गया था और 1991 से 1993 तक केंद्रीय मंत्रालय का राज्य मंत्री बनाया गया। इसके बाद 1993 से 1995 तक खाद्य मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री भी रहे।

1997 में तरूण मार्गेरिटा निर्वाचन क्षेत्र से असम विधान सभा के सदस्य के पद पर निर्वाचित हुए और 1998 में एक वर्ष के बाद वह फिर से कालीबोर निर्वाचन क्षेत्र से 12वीं लोकसभा के लिए चयनित किये गए, इसके बाद इन्होंने तीन लोकसभा समितियों में कार्य किया। बाद में इन्होंने सरकारी बीमा समिति, विदेशी कार्य समिति और परामर्श समिति पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में भी अपनी सेवा प्रदान की।

तरुण कुमार गोगोई 1999 में कालीबोर से 13वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और 1999 से 2000 तक रेलवे विभाग में लोकसभा समिति के सदस्य रहे तथा मई 2001 में वह असम के मुख्यमंत्री बन गए। उन्होंने सितंबर 2001 में विधानसभा चुनावों में चुनाव लड़ा और उन्हें विधायक के रूप में नियुक्त किया गया। वह पाँच साल तक असम के मुख्यमंत्री रहे। 2006 में, फिर से कांग्रेस के पद से चुनाव में जीत हासिल की। श्री गोगोई लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बनाए गए। 2011 में राज्य का चुनाव जीतकर तीसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभालने के लिए उन्हें नियुक्ति किया गया।

आज उनका निधन हो गया।

Shiv Kumar Mishra
Next Story
Share it