Top
Breaking News
Home > Archived > मालदा पर चुप रहने बालों को राम मंदिर पर बोलने का अधिकार नहीं - राकेश सिन्हा

मालदा पर चुप रहने बालों को राम मंदिर पर बोलने का अधिकार नहीं - राकेश सिन्हा

 Special News Coverage |  9 Jan 2016 12:25 PM GMT

Prof-Rakesh-Sinha-specialcoverage

नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के राकेश सिन्हा ने अपने ट्विट पर लिखा कि भारत में राम मंदिर का विरोध अब समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी बंद कर दिया है। अभी हाल में बिजनौर से राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त ओमपाल नेहरा ने देश में राम मंदिर निर्माण की बात कही तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया। इसी तरह कल सपा के मुस्लिम चेहरा के रूप में बुक्कल नवाव का कहना की राम मंदिर के निर्माण में में 10 लाख रुपया और सोने का मुकुट दूंगा सनसनी फ़ैल गयी है सपा में, अब सपा सुप्रीमो किस किस को निकालेंगे। मालदा पर चुप रहने बालों को राम मंदिर पर बोलने का अधिकार नहीं है।


इसे भी पढ़ें यूपी के मंत्री को राम मंदिर बनबाना पड़ा भारी, पद से हटाये गये




इसे भी पढ़ें में मुस्लिम हूँ लेकिन राम मंदिर का निर्माण अयोध्या में चाहता हूँ – बुक्कल नवाब

सिन्हा ने लिखा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में राम मंदिर पर सेमिनार का विरोध अलोकतांत्रिक और फासीवादी मानसिकता का प्रतीक है। राम मंदिर का विरोध करना देश के लिए हितकर नहीं है।




इसे भी पढ़ें सुब्रमण्यम स्वामी का दावा- इस साल के आखिर में बनना शुरू हो जाएगा राम मंदिर


सिन्हा ने लिखा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में राम मंदिर पर सेमिनार न्यायालय से बाहर मंदिर निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है। इस प्रयास के साथी बन राम मंदिर में अपनी सकरात्मक भूमिका निभाएं।



इसे भी पढ़ें मालदा के बाद बिहार के पूर्णिया में मुस्लिम संगठन ने जुलूस के दौरान थाने में तोड़फोड़ की

राकेश ने लिखा कि जो लोग मालदा और पूर्णिया की घटना पर सड़क पर नहीं उतर सकते है उन्हें राम मंदिर के विरोध में आगे नहीं आना चाहिए। यह है वमपंथ और कॉंग्रेस की कलुष कथा का परिचायक है।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story
Share it