Presidential Elections Nomination: NDA की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने दाखिल किया अपना नामांकन
Presidential Elections Nomination: एनडीए की ओर से राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाई गईं द्रौपदी मुर्मू ने 24 जून को अपना नामांकन दाखिल कर दिया. नामांकन के दौरान PM नरेंद्र मोदी, गृह मत्री अमित शाह सहित पार्टी के बड़े नेता और मुख्यमंत्री मौजूद रहे...
Draupadi Murmu Nomination: राष्ट्रपति पद के लिए NDA की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. द्रौपदी मुर्मू के नामाकंन में बीजेपी के बड़े नेता, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी इस मौके पर उपस्थित रहे. नामांकन से पहले द्रौपदी मुर्मू ने संसद परिसर में मौजूद महात्मा गांधी, डॉ. बीआर अंबेडकर और बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की.
द्रौपदी मुर्मू का सामना विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा से है. केंद्र ने विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ( opposition's presidential candidate Yashwant Sinha ) को CRPF की 'जेड' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है. राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होगा और वोटों की गिनती 21 जुलाई को होगी. मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त होने जा रहा है.
कौन हैं NDA की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू
द्रौपदी मुर्मू 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में जन्मीं थीं. मुर्मू के पिता बिरंची नारायण टुडू हैं. मुर्मू का संबंध आदिवासी जाति संथाल परिवार से है. ओडिशा के आदिवासी परिवार में पैदा हुईं द्रौपदी मुर्मू झारखंड की 9वीं राज्यपाल रह चुकी हैं. द्रौपदी मुर्मू साल 2000 में राज्य के गठन के बाद से पांच साल का कार्यकाल (2015-2021) पूरा करने वाली झारखंड की पहली राज्यपाल भी हैं.
ओडिशा में बीजेडी के साथ बीजेपी की गठबंधन सरकार में द्रौपदी मुर्मू 6 मार्च 2000 से 6 अगस्त 2002 के बीच वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद संभाल चुकी हैं. 6 अगस्त 2002 से 16 मई 2004 तक वह मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विकास राज्य मंत्री भी रहीं.
मुर्मू ने एक शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी. ओडिशा की राजनीति में प्रवेश करने के बाद द्रौपदी मुर्मू ने 1997 में रायरंगपुर नगर पंचायत में एक पार्षद का चुनाव जीता. वह मयूरभंज (पहले 2000 और फिर 2009) के रायरंगपुर से बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर दो बार विधानसभा पहुंचीं. 2007 में ओडिशा विधानसभा ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ विधायक के नीलकंठ पुरस्कार से सम्मानित किया.